जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सचिव अनिल परिहार और उनके भाई अजीत की हत्या के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. ख़बरों के मुताबिक स्थिति नियंत्रित रखने के लिए शुक्रवार सुबह यहां सेना ने फ्लैग मार्च भी किया है.

अभी पुख़्ता नहीं हुआ है फिर भी अधिकारियाें ने आशंका जताई है कि परिहार भाईयों की हत्या शायद संदिग्ध आतंकियों ने की है. पीटीआई से बातचीत में किश्तवाड़ के जिला मजिस्ट्रेट अंग्रेज़ सिंह राणा ने माना कि इस घटना के बाद हालात तनावपूर्ण हैं. लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि अभी स्थिति नियंत्रण से बाहर नहीं है. उन्होंने बताया कि गुरुवार रात को हुई घटना के बाद से ही पूरे इलाके में कर्फ्यू लगा हुआ है. संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है. अभी तक अवांछित गतिविधि की कहीं से कोई सूचना नहीं है.

हालांकि इससे पहले हत्या की घटना के तुरंत बाद नाराज़ लोगों ने पुलिस से हाथापाई की थी. इसके बाद हालात बिगड़ते देख जिला प्रशासन ने सेना को बुला लिया था. बताते चलें कि किश्तवाड़ को राज्य के उन इलाकाें में गिना जाता है जो सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील माने जाते हैं. इसी के मद्देनज़र आतंकी यहां अक़्सर ऐसी वारदात को अंज़ाम देने की कोशिश करते हैं, जिससे सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठे. परिहार बंधुओं की हत्या भी इसी मक़सद से की गई हो सकती है. साल 2001 में भी आतंकियों ने 17 हिंदुओं की ऐसे ही हत्या कर दी थी.