सोहराबुद्दीन शेख फर्ज़ी मुठभेड़ मामले में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह को बॉम्बे हाईकोर्ट से शुक्रवार को राहत मिली है. उच्च न्यायालय ने वह जनहित याचिका ख़ारिज़ कर दी है जिसमें निचली अदालत के फैसले के ख़िलाफ़ अपील न करने के सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) के निर्णय काे चुनौती दी गई थी.

जस्टिस रंजीत मोरे और भारती डांगरे की खंडपीठ ने यह जनहित याचिका ख़ारिज़ की. याचिका बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन की ओर से दायर की गई थी. अदालत ने यह कहते हुए जनहित याचिका ख़ारिज़ की कि ‘याचिकाकर्ताओं का इस केस से कोई लेना-देना नहीं है. इसलिए हम उन्हें कोई राहत नहीं दे सकते. हम याचिका ख़ारिज़ कर रहे हैं.’

ग़ौरतलब है कि 2014 में निचली अदालत ने सोहराबुद्दीन शेख फर्ज़ी मुठभेड़ मामले में अमित शाह को दोषमुक्त क़रार दिया था. इसके बाद मामले की जांच करने वाली सीबीआई ने इस फैसले के ख़िलाफ़ उच्च अदालत में अपील न करने का फैसला किया था. सोहराबुद्दीन शेख और उसकी पत्नी कौसर बी को 2005 में गुजरात पुलिस ने मारा था. उस वक़्त शाह प्रदेश के गृह राज्य मंत्री थे. उन्हें इस केस में मुख्य आरोपित बनाया गया था. इसकी वज़ह से उन्हें जेल भी जाना पड़ा था.