संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने एशियाई देशों में खाद्य सुरक्षा की स्थिति को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है. इसके मुताबिक एशिया-प्रशांत क्षेत्र में तेजी से हो रहे आर्थिक विकास के बावजूद करीब 50 करोड़ लोग भूख से जूझ रहे हैं. यूएन के अधिकारियों के मुताबिक ऐसा इसलिए हैं क्योंकि इस क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा और बुनियादी जीवन स्तर में सुधार संबंधी प्रगति थम सी गई है.

शुक्रवार को जारी की गई इस रिपोर्ट को संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) और यूएन की तीन अन्य एजेंसियों ने मिलकर तैयार किया है. रिपोर्ट के अनुसार एशिया में तुलनात्मक रूप से बेहतर माने जाने वाले शहरों जैसे बैंकॉक और मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में भी गरीब परिवार अपने बच्चों के लिए अच्छा खाना नहीं जुटा पा रहे हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक बेहतर भोजन न मिल पाने से इन बच्चों के स्वास्थ्य और शारीरिक और मानसिक विकास पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. यूएन की इस रिपोर्ट में एक सरकारी सर्वेक्षण के हवाले से कहा गया है कि इस समय पाकिस्तान में महज चार फीसदी बच्चों को ही न्यूनतम स्वीकार्य भोजन मिल पा रहा है.

बीते साल आई यूएन की एक रिपोर्ट में भी कहा गया था कि बैंकॉक में एक तिहाई से ज्यादा बच्चों को पर्याप्त मात्रा में भोजन नहीं मिल पा रहा है. इस रिपोर्ट में भारत को लेकर भी चिंता जताई गई थी. रिपोर्ट के मुताबिक भारत में प्रतिदिन 19 करोड़ से ज्यादा लोग भूखे सोते हैं. इसमें यह भी कहा गया था कि भारतीय प्रतिदिन करीब 250 करोड़ रुपए का भोजन बर्बाद कर देते हैं.