अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष राम विलास वेदांती का एक अहम बयान आया है. टाइम्स नाउ के मुताबिक उन्होंने कहा है, ‘अयोध्या में इसी साल दिसंबर से राम मंदिर के निर्माण का काम शुरू हो जाएगा. इसके लिए संसद में कोई अध्यादेश लाने की जरूरत नहीं है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह जरूरी नहीं कि मंदिर बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जाए यह काम आपसी समझौते और सहमति से किया जाएगा.’ इसके साथ ही उन्होंने एक बार ​फिर दोहराया कि अयोध्या में राम मंदिर जबकि लखनऊ में मस्जिद का निर्माण होगा.’

इससे पहले बीते महीने दशहरा के मौके पर हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वार्षिक कार्यक्रम के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए केंद्र सरकार से कानून पास करने की अपील की थी. इस अपील का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सहित शिव सेना के ​कई नेताओं ने समर्थन किया था जबकि कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमएआई) जैसी पार्टियों ने नाराजगी जताई थी.

इस बीच राम मंदिर के निर्माण को लेकर विश्व हिंदू परिषद् (विहिप) की नेता साध्वी प्राची ने दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम के दौरान कहा है, ‘हम सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं लेकिन बाबरी मस्जिद का विवादित ढांचा शीर्ष अदालत की अनुमति लेकर नहीं ढहाया गया था. नब्बे के दशक में जिस तरह विवादित ढांचा ढहाया गया उसी अंदाज में वहां राम मंदिर का निर्माण करने की जरूरत है.’ इस मौके पर राम मंदिर के निर्माण के लिए संसद में कानून बनाए जाने की मांग का उन्होंने भी समर्थन किया है.