‘अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की जरूरत नहीं है.’  

— राम विलास वेदांती, राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष

राम विलास वेदांती का यह बयान संसद में कानून पारित कराकर अयोध्या में राम मंदिर बनाए जाने को लेकर आया है. उनका यह भी कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले की प्रतीक्षा किए बगैर आपसी सहमति व समझौते से इसी साल दिसंबर में राम मंदिर के निर्माण का काम शुरू हो जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि अयोध्या में राम मंदिर बनेगा जबकि लखनऊ में मस्जिद का निर्माण कराया जाएगा.

‘भगवान राम के जरिये भाजपा अपनी विफलताओं से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है.’  

— शशि थरूर, कांग्रेस के नेता

शशि थरूर का यह बयान अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और सरयू के तट पर भगवान राम की 151 मीटर ऊंची प्रतिमा की स्थापना किए जाने संबंधी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं के बयानों पर पलटवार करते हुए आया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा है, ‘प्रतिमाओं की स्थापना की प्रवृत्ति ने मुझे रोमन साम्राज्य की याद दिला दी है जहां लोगों को मुफ्त में भोजन बांटकर मुख्य मुद्दों से उनका ध्यान भटका दिया जाता था.’


‘अयोध्या का संबंध भगवान राम के साथ है और वहां बाबर के नाम पर कुछ भी नहीं बनने दिया जाएगा.’  

— केशव प्रसाद मौर्य, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री

केशव प्रसाद मौर्य का यह बयान अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर आया है. उनका यह भी कहना है कि राम जन्मभूमि पर राम का मंदिर जरूर बनेगा लेकिन यह मामला शीर्ष अदालत में लंबित होने की वजह से इसके समय के बारे में वे कुछ नहीं कह सकते. इसके साथ ही मौर्य ने कहा है, ‘अयोध्या में सरयू तट पर रामलला की 151 मीटर ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी. अगर इसे लेकर किसी ने हमें रोकने की कोशिश की तो हम उसे देख लेंगे.’


‘राम मंदिर के मामले में अदालत के रवैये से एक बार फिर नब्बे के दशक वाली स्थिति बन रही है.’  

— राम माधव, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव

राम माधव का यह बयान सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या मामले की सुनवाई अगली जनवरी तक के लिए टाले जाने को लेकर आया है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए शनिवार को उन्होंने यह भी कहा है कि राम मंदिर कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है और अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर हो रही देरी से इसके समर्थकों में व्याकुलता बढ़ रही है.

‘राम मंदिर को लेकर इसी साल शुभ समाचार सुनने को मिलेगा.’  

— बाबा रामदेव, योग गुरु

बाबा रामदेव का यह बयान अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर आया है. इसके साथ ही मंदिर निर्माण को लेकर संसद में कानून बनाए जाने का भी उन्होंंने समर्थन किया है. सवालिया लहजे में बाबा रामदेव ने यह भी कहा है, ‘भगवान राम की जन्मभूमि पर अगर राम मंदिर नहीं बनेगा तो फिर क्या बनेगा.’