भारत की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में बड़ा घाटा हुआ है. संयुक्त आधार पर जोड़े गए इस घाटे का आंकलन 1,009 करोड़ रुपए किया जा रहा है. पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी ने 2,482.78 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया था. बता दें कि लंबे समय तक घरेलू वाहन सेगमेंट में पिछड़ने के बाद टाटा मोटर्स बीते दो साल में हैचबैक टिआगो, सेडान टिगोर और सबकॉम्पैक एसयूवी नेक्सन की मदद से वह स्थान हासिल करने में सफल होती दिखी थी जिसकी वह हक़दार है. लेकिन अपनी ब्रिटिश इकाई जगुआर लैंडरोवर (जेएलआर) के कमजोर प्रदर्शन की वजह से कंपनी को यह नुकसान झेलना पड़ा है.

बताया जा रहा है कि जेएलआर के प्रमुख बाजार ‘चीन’ में चल रहे उतार-चढ़ाव के चलते वहां कंपनी की रीटेल बिक्री 44 फीसदी घटकर 21,096 यूनिट तक पहुंच गई. वहीं वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 13 प्रतिशत गिरकर 1,29,887 वाहन पर ही सिमट गया. हालांकि इस दौरान टाटा मोटर्स को लिए घरेलू बाजार ‘भारत’ से बड़ी राहत मिली है जहां कंपनी 33 फीसदी बढ़त के साथ 17,759 करोड़ रुपए का व्यापार करने में सफल रही जिसमें उसे 109 करोड़ रुपए का फायदा हुआ. इसके लाभ के पीछे बाजार से मिल रही शानदार प्रतिक्रिया के साथ 2016 में लागू की गई लागत में कटौती जैसी रणनीतियों ने भी बराबर की भूमिका निभाई है.

रॉयलनफील्ड की बड़ी उपलब्धि

दमदार बाइक बनाने के लिए पहचानी जाने वाली रॉयल एनफील्ड ने अक्टूबर महीने में 70,000 से अधिक बाइकों की बिक्री कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. हालांकि पिछले साल से तुलना करें तो इस आंकड़े के साथ कंपनी की बिक्री सिर्फ एक प्रतिशत बढ़ पाई है. जानकारों का कहना है कि यदि रॉयल एनफील्ड की एक फैक्ट्री में कर्मचारियों की हड़ताल न हुई होती तो उत्पादन बढ़ने से पिछले महीने कुल बिक्री में पच्चीस हजार यूनिट तक की बढ़ोतरी हो सकती थी. इसके अलावा अक्टूबर में कंपनी की सिर्फ 407 बाइकें ही निर्यात होने की वजह से भी यह आंकड़ा आगे नहीं बढ़ पाया. इसकी प्रमुख वजह के तौर पर कंपनी का पूरा ध्यान अपनी दो नई पेशकश ‘इंटरसेप्टर 650’ और ‘कॉन्टीनेंटल जीटी 650’ के निर्माण पर होना बताया जा रहा है.

गौरतलब है कि रॉयल एनफील्ड ने अपनी सबसे दमदार इन दो बाइकों को पिछले महीने वैश्विक स्तर पर लॉन्च कर दिया है. बाज़ार में लंबे समय से इन बाइकों का इंतजार किया जा रहा था. कंपनी ने यूएस बाजार में इंटरसेप्टर के लिए 5799 डॉलर यानी करीब 4.20 लाख रुपए और कॉन्टीनेंटल जीटी के लिए 5999 डॉलर यानी तकरीबन 4.35 रुपए की शुरुआती कीमत तय की है. इन बाइकों की कीमत इनकी कलर स्कीम के हिसाब से तय की गई है जो अधिकतम 6749 डॉलर यानी 4.90 लाख रुपए तक जाती है. फीचर्स के लिहाज़ से देखें तो इन बाइकों के फ्रंट व्हील में टेलिस्कोपिक फोर्क व 320 एमएम का डिस्क ब्रेक और रियर व्हील के साथ गैस चार्ज्ड ट्विन शॉक सस्पेंशन व 240 एमएम का डिस्क ब्रेक लगाया गया हैं. दोनों बाइकों के साथ स्टैंडर्ड तौर पर दिया गया एंटी ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) चलते समय इन्हें बेहतरीन संतुलन देता है.

जैसा कि नाम से स्पष्ट है कंपनी ने इन दोनों बाइकों में 650 (648) सीसी का इंजन दिया है जो एयरकूल्ड, एसओएचसी और फ्यूल इंजेक्टेड पैरेलल-ट्विन जैसी खूबियों से लैस है. यह इंजन 7250 आरपीएम पर 47 बीएचपी की अधिकतम पॉवर के साथ 5250 आरपीएम पर 52 एनएम का पीक टॉर्क पैदा कर सकता है. साथ ही इस इंजन को 6-स्पीड गियरबॉक्स से जोड़ा गया है जो स्लिप-असिस्ट क्लच के साथ आता है. कंपनी का दावा है कि इंटरसेप्टर-650 और कॉन्टिनेंटल जीटी-650 163 किमी/घंटा की रफ़्तार से चलने में सक्षम होने के अलावा कंपनी की अब तक की सबसे तेजरफ्तार बाइक हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि भारत में भी ये दोनों बाइकें जल्द ही उपलब्ध करा दी जाएंगी. साथ ही इस बात की भी संभावना है कि भारतीय बाज़ार को ध्यान में रखते हुए इन बाइकों की कीमत घटाकर पेश की जा सकती है. जानकारों का कहना है कि भारत में ये देसी दमदार बाइकें बीएमडब्ल्यू जी-310आर, केटीएम 390 ड्यूक और कावासाकी निन्जा-300 को कड़ी टक्कर देंगी.

वाहनों के दामों में छूट

अगर आप कोई वाहन खरीदने का मन बना रहे हैं तो फेस्टिव सीजन का पीक आपके लिए सही मौका हो सकता है जब अधिकतर वाहन निर्माता कंपनियां अपने उत्पादों पर खासी छूट दे रही हैं. देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी ‘मारुति-सुज़ुकी’ की बात करें तो उसने अपनी लगभग सभी गाड़ियों के दाम 7,000 रुपए से लेकर 75,000 रुपए तक कम कर दिए हैं. कंपनी अपनी हैचबैक अॉल्टो 800 पर अधिकतम 45,000 रुपए, के10 पर 50,000, वैगन आर पर 55,000 रुपए, सबकॉम्पैक्ट सेडान डिज़ायर के पेट्रोल मॉडल पर 25,000 रुपए और डीजल मॉडल पर 40,000 रुपए और हैचबैक स्विफ्ट के पेट्रोल वेरिएंट पर 25,000 रुपए और डीज़ल वेरिएंट पर 35,000 रुपए तक का डिस्काउंट दे रही है. इसके अलावा मारुति ने अपनी टैक्सी कारों की कीमतों को भी खासा कम कर दिया है.

इसी तरह फ्रेंच ऑटोमोबाइल कंपनी ‘रेनो’ भी ग्राहकों को लुभाने का कोई मौका न छोड़ते हुए अपनी कारों पर कैश डिस्काउंट, मुफ्त इंश्योरेंस और फायनेंस ऑप्शन जैसे डिस्काउंट दे रही है. रेनो ने अपनी हैचबैक क्विड के इंश्योरेंस की कीमतों को आधी करने के साथ कार पर दो साल की फ्री वॉरंटी और 3.99 फीसदी ब्याज पर फायनेंस विकल्प देने की घोषणा की है. इसी तरह कंपनी की सबकॉम्पैक एसयूवी डस्टर की बात करें तो इस कार के मैनुअल वैरिएंट पर कंपनी की तरफ से साठ हजार और एएमटी वैरिएंट पर चालीस हजार रुपए का डिस्काउंट मिल रहा है.

वाहनों के साथ विभिन्न ऑफर देने में दो-पहिया वाहन कंपनियां किसी से कम नज़र नहीं आतीं. देश की प्रमुख दो-पहिया निर्माता कंपनी ‘हीरो’ की बात करें तो यह ई-पेमेंट कंपनी ‘पेटीएम’ के ज़रिए गाड़ी का भुगतान करने पर पांच हजार रुपए कैशबैक के साथ ‘प्लेज़र’, ‘मैस्ट्रो’ और ‘डुएट’ जैसे स्कूटरों पर तीन हजार रुपए का डिस्काउंट उपलब्ध करा रही है. जापानी ऑटोमोबाइल कंपनी ‘होंडा’ भी हीरो की ही तरह पेटीएम से भुगतान करने पर पांच हजार रुपए का कैशबैक और ढाई हजार तक के फायदे के लिए ग्राहकों को जॉय क्लब की मेंबरशिप भी दे रही है.

वहीं ‘सुज़ुकी’ पेटीएम से भुगतान करने पर डेढ़ हजार रुपए के कैशबैक के साथ पेटीएम का वाउचर होने पर पांच हजार रुपए तक की छूट दे रही है. यदि आप सरकारी कर्मचारी हैं तो सुज़ुकी आपको दो हजार और यदि कॉर्पोरेट कर्मचारी हैं तो एक हजार रुपए का डिस्काउंट अलग से देगी. जापान की ही ‘यामाहा’ भी पेटीएम द्वारा भुगतान करने पर चार हजार रुपए के कैशबैक के साथ बीमा शुल्क में बेहतरीन छूट दे रही है. भारतीय कंपनी ‘टीवीएस’ भी पेटीएम के द्वारा भुगतान करने पर अपनी बाइक ‘अपाचे रेंज’ और स्कूटर ‘जुपिटर’ पर पांच रुपए का कैशबैक दे रही है. हालांकि कंपनी की हाल ही में लॉन्च हुई बाइक ‘रेडियन’ और स्कूटर ‘एन्टॉर्क’ पर ऐसा कोई ऑफर नहीं. भारतीय दो पहिया वाहन निर्माता बजाज ऑटो ग्राहकों के लिए ‘ट्रिपल फाइव’ जैसी स्कीम भी दे रही है जिसमें पांच साल की वारंटी, पांच साल का बीमा और पांच मुफ्त सर्विस शामिल है.