प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो पिछले दो-तीन दिन से सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है. इसमें वे एक छोटी बच्ची के साथ दिख रहे हैं. देखने में यह वीडियो किसी रैली का लगता है जिसमें आए लोगों को वे इस बच्ची की एक बात सुनवाते हैं. प्रधानमंत्री के अनुरोध पर बच्ची कहती दिख रही है, ‘राहुल गांधी पप्पू है.’ बच्ची के ऐसा कहने के बाद प्रधानमंत्री उसे शाबाशी देते हैं.

रविवार को एक वरिष्ठ पत्रकार के नाम से चलाए जा रहे फ़ैन क्लब फ़ेसबुक पेज से शेयर किए गए इस वीडियो को अब तक साढ़े तीन हज़ार से ज़्यादा बार शेयर किया जा चुका है. ट्विटर पर भी यह तेज़ी से फैल रहा है. इसके कैप्शन में लिखा है, ‘पीएम पद की गरिमा इस तरह से ख़त्म कर दी जाएगी... मूर्ख मोदी से यही उम्मीद थी... एक नन्ही सी बच्ची से अच्छी तरह से पाठ पढ़ा कर लाना और अपनी गोद में उठाकर अपशब्द बुलवाना एक नीच ही कर सकता है.’ इस दावे को सच मान कर कई लोग प्रधानमंत्री पर तरह-तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं.

वीडियो में जो दिख रहा है वह तो सच है, लेकिन जो सुनाया गया है वह सच नहीं है. इसमें बच्ची की आवाज़ और वीडियो की ड्यूरेशन के साथ छेड़छाड़ की गई है. बच्ची ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बारे में कुछ नहीं कहा था. सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उसे पोडियम पर लाकर रामायण का छोटा सा हिस्सा सुनाने को कहा था. बच्ची ने जब वह सुनाया तो प्रधानमंत्री ने उसे शाबाशी दी. नीचे असली आवाज़ वाला वीडियो देखा जा सकता है. यानी फ़ेसबुकिया दावा झूठा है.

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यह भी बता देते हैं कि यह वाक़या कब का है. 17 सितंबर को नरेंद्र मोदी का जन्मदिन होता है. दो साल पहले उन्होंने इस दिन को गुजरात के नवसारी में दिव्यांग लोगों के बीच मनाया था. तब वहां एक रैली में उन्होंने संबोधन दिया था और दिव्यांगों को उनकी ज़रूरत की चीज़ें बांटी थीं. उसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इस बच्ची से रामायण का एक हिस्सा पढ़वाया था जिसे सोशल मीडिया पर कुछ और रूप में पेश किया जा रहा है.