‘रफाल के बाद अब फसल बीमा योजना के नाम पर किसानों को लूटा जा रहा है.’  

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

राहुल गांधी ने यह बात एक ट्वीट के जरिये कही है. प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने यह भी लिखा है कि फसल बीमा योजना के जरिये नरेंद्र मोदी अपने उद्योगपति दोस्तों को फायदा पहुंचाना चाहते हैं. इसी ट्वीट में राहुल गांधी आगे लिखते हैं, ‘चौकीदार (नरेंद्र मोदी) ने अपना इरादा साफ कर दिया है - औरों से करूंगा चोरी, क्योंकि दोस्तों की भरनी है तिजोरी.’ फसल बीमा योजना के प्रीमियम और भुगतान को लेकर कांग्रेस पहले भी केंद्र सरकार के खिलाफ कई बार हमला बोल चुकी है.

‘इंदिरा गांधी ने देश पर हिटलर की तरह शासन किया था.’  

— रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय कानून मंत्री

रविशंकर प्रसाद का यह बयान कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान पर पलटवार करते हुए आया है. उनके मुताबिक हताशा की वजह से कांग्रेस के नेता अपनी मर्यादा खोते जा रहे हैं. रविशंकर प्रसाद का यह भी कहना है कि गांधी परिवार की इजाजत के बिना मल्लिकार्जुन खड़गे एक इंच भी कदम नहीं बढ़ा सकते. इससे पहले रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना जर्मनी के नाजीवादी शासक एडोल्फ हिटलर के साथ की थी.


‘अरिहंत शांति के दुश्मनों के लिए कड़ा संदेश है.’  

— नरेंद्र मोदी, भारत के प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात सोमवार को स्वदेश में निर्मित परमाणु पनडुब्बी ‘अरिहंत’ को देश को समर्पित करते हुए कही. अरिहंत को विकसित करने वाले दल को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने इसे 125 करोड़ देशवासियों की सुरक्षा की गारंटी भी कहा. अरिहंत के नौसेना में शामिल होने के साथ ही भारत ने जमीन और वायु के बाद अब समुद्र से भी परमाणु हमला करने व इसका जवाब देने की क्षमता हासिल कर ली है.


‘दिल्ली में मौसमों की संख्या बढ़कर अब पांच हो गई है.’  

— अभिषेक मनु सिंघवी, कांग्रेस के नेता

अभिषेक मनु का यह बयान दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर आया है. प्रदूषण के मुद्दे पर केंद्र और दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने इन दोनों सरकारों को हेडलेस चिकेन (सिरकटे मुर्गे) की तरह दिशाहीन करार दिया है. अभिषेक मनु सिंघवी के मुताबिक ‘स्वच्छ भारत अभियान’ चलाने वाली केंद्र सरकार का प्रदूषण पर कोई ध्यान नहीं है जबकि दिल्ली सरकार इस समस्या पर सिर्फ बयानबाजी कर रही है. इसके साथ ही उनका यह भी कहना है कि शीला दीक्षित के नेतृत्व वाले कांग्रेस के शासनकाल के दौरान दिल्ली को ऐसी बदहाल स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा था.