प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पहली स्वदेश निर्मित परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत देश को समर्पित की. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. प्रधानमंत्री ने इस मौके पर कहा, ‘पनडुब्बी (अरिहंत) 125 करोड़ भारतवासियों की सुरक्षा की गारंटी है. अरिहंत शांति के दुश्मनों के लिए सख़्त संदेश और परमाणु ब्लैकमेलिंग का जवाब है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘भारत दुश्मनों को छेड़ता नहीं, लेकिन उसे छेड़ा जाए तो छोड़ता भी नहीं है.’

अपने पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी की फिल्म पर सेंसर बोर्ड ने कैंची चलाई

सेंसर बोर्ड अध्यक्ष के पद पर रहते हुए फिल्मों के दृश्यों और डायलॉग पर कैंची चलाने वाले पहलाज निहलानी अब खुद इससे जूझ रहे हैं. द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक बोर्ड ने निहलानी की फिल्म ‘रंगाली राजा’ के 20 दृश्यों को हटाने के लिए कहा गया है. इसके बाद पहलाज निहलानी ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इस बारे में उनका कहना है कि फिल्म 16 नवंबर को रिलीज होने वाली है. इसे देखते हुए उनके पास हाई कोर्ट के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है. निहलानी ने बताया, मुझे सेंसर बोर्ड की रिवाइज़िंग कमेटी के पास जाने की सलाह दी गई. इसकी अध्यक्षता सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष करते हैं. लेकिन, वर्तमान अध्यक्ष (प्रसून जोशी) फिलहाल देश से बाहर हैं.’

परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर जेडीयू से युवाओं को जोड़ने की तैयारी

जनता दल-यूनाइटेड (जेडीयू) के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए एक नए प्रयोग की राह पर हैं. नवभारत टाइम्स के मुताबिक इसके तहत पार्टी से जुड़ने की इच्छा रखने वाले को लिखित परीक्षा और इंटरव्यू की प्रक्रिया से गुजरना होगा. पार्टी का दावा है कि इसमें चयनित युवाओं को साल 2020 में होने वाले विधानसभा चुनाव में टिकट दिया जा सकता है. साथ ही, आने वाले दिनों में इन्हीं युवाओं में से किसी के हाथ में पार्टी का नेतृत्व भी संभव है. बताया जाता है कि पार्टी की सदस्यता लेने की रफ्तार में कमी को देखते हुए पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार ने प्रशांत किशोर को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है. अब तक करीब 30,000 युवाओं ने इस प्रक्रिया में रूचि दिखाई है.

असम : तिनसुकिया मामले में केंद्रीय मंत्री के खिलाफ भड़काऊ बयान देने का मामला दर्ज

असम के तिनसुकिया में दो समुदायों के बीच तनाव पैदा करने वाले भड़काऊ बयान देने पर केंद्रीय मंत्री राजेन गोहेन सहित छह नेताओं पर एफआईआर (प्राथमिकी) दर्ज कराई गई है. अमर उजाला की खबर के मुताबिक सिलचर थाने में पूर्ववर्ती उल्फा यूनाइटेड मंच के महासचिव इनामुल हक ने यह मामला दर्ज कराया है. हालांकि, इसमें यह नहीं बताया गया है कि आरोपितों ने किस तरह का भड़काऊ बयान दिया था. इससे पहले बीते रविवार को संदिग्ध उग्रवादियों ने पांच लोगों की हत्या कर दी थी.