कर्नाटक में कांग्रेस- जेडीएस (जनता दल-धर्मनिरपेक्ष) गठबंधन एक और सफलता हासिल करने की राह में है. राज्य में तीन लोक सभा सीटों- शिवमोगा, बेल्लारी और मांड्या में हुए उपचुनाव के निर्णायक रुझान सामने आ चुके हैं. अब तक दो सीटों- बेल्लारी व मांड्या में कांग्रेस-जेडीएस के प्रत्याशी आगे चल रहे हैं. जबकि शिवमोगा में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार ने बढ़त बनाई हुई है.

पीटीआई के अनुसार शिवमोगा में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येद्दियुरपा के पुत्र बीवाई राघवेंद्र उम्मीवार हैं. जबकि जेडीएस ने यहां पूर्व मुख्यमंत्री एस बंगारप्पा के पुत्र मधु को प्रत्याशी बनाया है, जो 36,351 वोटों से पीछे चल रहे हैं. बेल्लारी में कांग्रेस के प्रत्याशी वीएस उग्रप्पा भाजपा उम्मीदवार जे शांता से 1,74,294 वोटों से आगे चल रही हैं. शांता भाजपा नेता बी श्रीरामुलु की बहन हैं. श्रीरामुलु इसी साल मई में हुए विधानसभा चुनाव में जीतकर विधायक बन गए. इसके बाद उन्होंने लोक सभा सीट छोड़ दी थी.

वैसे बेल्लारी को कांग्रेस की परंपरागत सीट माना जाता है. लेकिन 2014 के लोक सभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की लहर ने यह सीट भाजपा की झोली में डाल दी थी. इसी तरह मांड्या में जेडीएस की पकड़ काफी मज़बूत मानी जाती है. उसने यहां से एल शिवरामे गौड़ा को प्रत्याशी बनाया है, जो भाजपा के डॉक्टर सिद्धारमैया से 99,198 वोटों से आगे हैं. डॉक्टर सिद्धारमैया पूर्व अधिकारी हैं.

इसके अलावा रामनगर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की पत्नी और जेडीएस प्रत्याशी अनीता 71,613 वोट से आगे चल रही हैं. वैसे रामनगर विधानसभा सीट से जुड़ा दिलचस्प वाक़या यूं है कि यहां भाजपा ने एल चंद्रशेखर को अपना उम्मीदवार बनाया था. वे चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे. लेकिन चुनाव के बीच में ही कांग्रेस में वापस लौट गए. साथ ही चुनावी मुकाबले से भी हट गए. इससे अनीता कुमारस्वामी के सामने वास्तव में इस वक़्त कोई चुनौती ही नहीं बची है.

जमखंडी विधानसभा सीट पर भी कांग्रेस के उम्मीदवार आनंद न्यामगौड़ा भाजपा के श्रीकांत कुलकर्णी से 32,933 वोट से आगे हैं. यह सीट आनंद के पिता सिद्दू न्यामगौड़ा के निधन से खाली हुई है. जबकि रामनगर विधानसभा सीट एचडी कुमारस्वाकी के इस्तीफे से खाली हुई है. कुमारस्वामी इस सीट के अलावा चेन्नपटना से जीते थे. बाद में उन्होंने रामनगर सीट छोड़ दी थी.