साल 1992 में हुए सिक्योरिटीज घोटाला मामले में मुंबई की विशेष अदालत ने शेयर दलाल हर्षद मेहता के बड़े भाई अश्विनी और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के आठ अधिकारियों को बरी कर दिया है. ये सभी 105 करोड़ रुपए के इस घोटाले के आरोपित थे.

बॉम्बे उच्च न्यायालय की विशेष अदालत के जस्टिस शालिनी फणसलकर जोशी ने यह फैसला सुनाते हुए कहा, ‘मुझे ये कहने में कोई झिझक नहीं है कि अभियोजन पक्ष आरोपितों के खिलाफ मामला साबित करने में नाकाम रहा है.’ ग़ौरतलब है कि इस घोटाले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के पास थी. इसमें शेयर दलाल हर्षद मेहता मुख्य आरोपित था. उसकी 2001में मौत हो चुकी है.

उसके अलावा अश्विनी मेहता, एसबीआई के सिक्योरिटीज डिवीजन के इंचार्ज आर सीताराम, अन्य अधिकारी भूषण राउत, सी रवि कुमार, एस सुरेश बाबू, पी मुरलीधरन, अशोक अग्रवाल, जनार्दन बंदोपाध्याय, श्याम सुंदर गुप्ता भी आरोपित थे. सीबीआई ने दावा किया था कि इन सभी ने मिलकर करोड़ों रुपए की हेरफेर की. इससे बैंक की मुख्य निवेशक शाखा (एसबीआई कैपिटल) को करोड़ों का चूना लगा.