उद्योगों से राजनीतिक चंदा जुटाने वाले ट्रस्ट से वित्त वर्ष 2017-18 में सबसे ज्यादा चंदा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिला है. इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट ने इस दौरान कुल 169 करोड़ रुपए जुटाए जिसमें से 86 प्रतिशत यानी करीब 144 करोड़ रुपये उसने केंद्र मे सत्तासीन भाजपा को दिए. 10 करोड़ रुपये कांग्रेस और पांच करोड़ रुपये बीजू जनता दल (बीजेडी) के खाते में आए.

प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट को पहले सत्या इलेक्टोरल ट्रस्ट के नाम से जाना जाता था. इस ट्रस्ट को जिन कंपनियों ने दान दिया है उनमें डीएलएफ (52 करोड़), भारती (33 करोड़), श्रॉफ ग्रुप (22 करोड़), टोरेंट ग्रुप (20 करोड़), डीसीएम श्रीराम (13 करोड़), केडिला ग्रुप (10 करोड़) और हल्दिया एनर्जी (आठ करोड़) शामिल हैं.

प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट देश का सबसे बड़ा ट्रस्ट है. इस तरह का दूसरा सबसे बड़ा ट्रस्ट आदित्य बिड़ला ग्रुप का एबी जनरल इलेक्टोरल ट्रस्ट है. रिपोर्ट के मुताबिक उसने भी वित्त वर्ष 2018 में 21 करोड़ रुपये में से 12.5 करोड़ भाजपा, एक करोड़ कांग्रेस और आठ करोड़ बीजेडी को दिए. देश में कुल 22 पंजिकृत इलेक्टोरल ट्रस्ट हैं. हालांकि इनमें से कई निष्क्रिय हैं.