राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में राम मंदिर का समर्थन करने वालों में अब किन्नर अखाड़ा भी शामिल हो गया है. अखिल भारतीय संत समिति (एबीएसएस) के दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में पहली बार बुलाए गए किन्नर अखाड़ा ने सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर बनाए जाने का आह्वान किया. इसके लिए उसने कानून बनाने या अध्यादेश लाए जाने की मांग की. इसके अलावा अखाड़े ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर विश्वास जताते हुए लोगों से अपील की कि वे 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को वोट दें ताकि मोदी सरकार सत्ता में वापसी कर सके.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक किन्नर अखाड़ा की प्रमुख आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा, ‘एबीएसएस ने पहली बार किन्नर अखाड़ा को आमंत्रित किया है. यह वैदिक-सनातन धर्म के खुलेपन और ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रति इसकी उदारता दिखाता है. आज (सोमवार) यह साफ कहा गया कि जो राम का है, वह हमारा है.’ त्रिपाठी ने यह भी कहा कि सरकार का मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों का कामकाज देखना असंवैधानिक है. उन्होंने कहा, ‘यह इस देश के संविधान के खिलाफ है और हम अभी भी चुप हैं. राम मंदिर को बनना ही है और यह बन कर रहेगा.’ त्रिपाठी ने कहा कि राम मंदिर का मुद्दा लाखों सनातनियों के आत्मसम्मान से जुड़ा है जिसे राज्य व केंद्र सरकारों द्वारा अंसवैधानिक तरीके से छीना जा रहा है. त्रिपाठी के मुताबिक राम मंदिर को लेकर सनातनी हिंदू लंबे समय से निराश महसूस कर रहे हैं.

अखाड़ा प्रमुख ने धारा 377 को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी बात की. उन्होंने कहा, ‘चाहे कोई गे हो, लेस्बियन, ट्रांसजेंडर हो या किसी भी सेक्शुअलिटी से जुड़ा व्यक्ति हो, सबसे महत्वपूर्ण हिंदू सनातन धर्म है. और सनातन वैदिक परंपरा ने कभी किसी की सेक्शुअलिटी पर सवाल नहीं किया है. हमारे धर्म में हर किसी के लिए जगह है.’ दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के बाद किन्नर अखाड़ा अब 25 नवंबर को अयोध्या में आयोजित होने वाली धर्म सभा में हिस्सा लेगा. एबीएसएस के इस कार्यक्रम में भी राम मंदिर के निर्माण का मुद्दा उठाया जाएगा. वहीं, इससे पहले अखाड़ा मंगलवार और बुधवार को अयोध्या में आयोजित दिवाली से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होगा.