दिल्ली में प्रदूषण की दिनों-दिन गंभीर होती स्थिति से निपटने के लिए अब कृत्रिम बारिश का सहारा लिया जा सकता है. इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), आईआईटी कानपुर, मौसम विभाग और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) मिलकर क्लाउड सीडिंग की योजना बना रहे हैं. बताया जा रहा है कि 10 नवंबर के बाद इस दिशा में काम शुरू हो सकता है. ’ इस परियोजना के लिए फंड केंद्र सरकार देगी.

यह पहली बार है, जब देश में किसी शहर के प्रदूषण को कम करने के लिए कृत्रिम बारिश की योजना बन रही है. वैज्ञानिक इसके लिए सही हालात का इंतजार कर रहे हैं. उनके मुताबिक मॉनसून से पहले और मॉनसून के दौरान बादलों से कृत्रिम बारिश कराना आसान होता है, लेकिन सर्दियों के मौसम में इसमें मुश्किल आती है क्योंकि इस वक्त बादलों में नमी कम होती है.

चीन कई साल से कृत्रिम बारिश करवा रहा है. अमेरिका, इजरायल और जर्मनी जैसे कुछ और देश भी सफलतापूर्वक इस तकनीक का इस्तेमाल कर चुके हैं. भारत में आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में भीषण सूखा पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया गया है.