छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में आज 62 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. जिले के पुलिस अधिकारियों ने पीटीआई को यह जानकारी दी है. अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से 55 नक्सलियों ने हथियार के साथ आत्मसमर्पण किया है. इनमें पांच नक्सली ऐसे भी हैं जिनके खिलाफ अदालत ने स्थायी वॉरंट जारी किया था.

खबर के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली प्रतिबंधित माओवादी संगठन के कुतुल एरिया कमेटी के अंतर्गत तुमेरादि जनताना सरकार में पिछले दस वर्षों से सक्रिय थे. बता दें कि नक्सली हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सभी एरिया कमेटी में जनताना सरकार का गठन करते हैं. तुमेरादि जनताना सरकार अतिसंवेदनशील और हिंसक श्रेणी में आता है जिसके अंतर्गत तुमेरादि, तुडको, गुमचूर, ताडोबेडा गांव आते हैं.

नक्सलियों से पूछताछ के दौरान जानकारी मिली है कि पिछले कुछ वर्षों से पुलिस के बढ़ते दबाव, सक्रिय नक्सली सदस्यों की लगातार गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण से नक्सली संगठन कमजोर हुआ है. वहीं, क्षेत्र में सुरक्षाबलों के लगातार नक्सल विरोधी अभियान से नक्सलियों का जनाधार कमजोर होने लगा है. इस वजह से कई नक्सली सदस्य संगठन छोडकर अपने गांव वापस आ गए हैं और मौका मिलने पर समर्पण भी कर सकते हैं. इन नक्सलियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने खोखली माओवादी विचारधारा और उसके शोषण, अत्याचार, भेदभाव और हिंसा से तंग होकर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया है.

छत्तीसगढ़ में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं. प्रथम चरण में राज्य के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के सात जिलों और राजनांदगांव जिले की 18 विधानसभा सीटों पर इस महीने की 12 तारीख को मतदान होगा. वहीं, शेष 72 विधानसभा सीटों के लिए 20 तारीख को मत डाले जाएंगे. उधर, नक्सलियों ने चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की है. ऐसे में इतने नक्सलियों का आत्मसमर्पण करना चुनाव की सुरक्षा के लिए लिहाज से अच्छी खबर मानी जा रही है.