भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और सरकार के बीच चल रही खींचतान में आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने बैंक का पक्ष लेते हुए कहा है कि आरबीआई की स्वायत्ता और मजबूती देश के हित में होगी. एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक सीएनबीसी टीवी 18 को दिए एक इंटरव्यू में मंगलवार को रघुराम राजन ने कहा कि केंद्र सरकार और आरबीआई को एक दूसरे के इरादों और स्वायत्तता का सम्मान करना चाहिए. यहां पूर्व गवर्नर का कहना था, ‘जहां तक संभव हो, यह देश के हित में होगा कि हम रिजर्व बैंक की संस्थागत स्वायत्तता के साथ-साथ परंपराओं का भी सम्मान करें.’

केंद्र सरकार और आरबीआई के बीच गतिरोध गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए अधिक कैश की उपलब्धता को बढ़ाने को लेकर भी चल रहा है. एनबीएफसी के मुद्दे पर सरकार का समर्थन करते हुए रघुराम राजन का कहना है कि यदि बाजार में कैश की समस्या है तो केंद्रीय बैंक कैश की उपलब्धता बढ़ा सकता है जिससे संस्थाओं को आसानी से ऋण मिल सके.

बीते सितंबर माह में एक बड़ी फंडिंग कंपनी के दिवालिया हो जाने के बाद से एनबीएफसी कंपनियों को बाजार से ऋण नहीं मिल पा रहा है जिससे इन कंपनियों के लिए बड़ा संकट पैदा हो गया है. सरकार इन कंपनियों को बचाने के लिए आरबीआई से नियमों में ढील देने की मांग कर रही है.