कर्नाटक में दो विधानसभा और तीन लोक सभा सीटों के नतीज़े कांग्रेस और उसकी सहयोगी जेडीएस (जनता दल-धर्मनिरपेक्ष) के लिए एक तरफ तो राहत का संकेत लग रहे हैं. क्योंकि दो लोक सभा और दो विधानसभा सीटों पर इस गठबंधन ने जीत हासिल की है. सिर्फ एक सीट (शिमोगा) पर भारतीय जनता पार्टी जीत सकी है. लेकिन इन्हीं में से एक जीती हुई सीट ऐसी भी है जो कांग्रेस के लिए चिंता का कारण बताई जा रही है. यह सीट है रामनगर, जिस पर मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की पत्नी अनीता ने जीत हासिल की है.

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार रामनगर सीट पर अनीता कुमारस्वामी की जीत कांग्रेस के लिए परेशानी बढ़ाने वाली साबित हो सकती है. यह सीट एचडी कुमारस्वामी के इस्तीफ़े से खाली हुई थी. क्योंकि वे इसके अलावा पिछले विधानसभा चुनाव में चन्नपटना से भी जीते थे. इसलिए बाद में उन्हें रामनगर से इस्तीफ़ा देना पड़ा. पर उन्होंने अपनी पत्नी को यहां से उम्मीदवार बनाकर और उन्हें जिताकर यह सीट एक तरह से अपने पास ही क़ायम रखी है. इस सीट पर कांग्रेस पिछले विधानसभा चुनाव में दूसरे नंबर पर थी.

उस वक़्त एचडी कुमारस्वामी ने कांग्रेस के ही उम्मीवार इक़बाल हुसैन को 22,636 वोटों से हराया था. लेकिन इस बार उपचुनाव में चूंकि कांग्रेस ने यह सीट जेडीएस के लिए छोड़ दी थी. इसलिए उसके वोट भी जेडीएस को चले गए. यही कांग्रेस के नेताओं की चिंता का कारण है. भाजपा ने इस सीट से कांग्रेस से आयातित उम्मीदवार एल चंद्रशेखकर को टिकट दिया था. लेकिन चंद्रशेखर ऐन मतदान से पहले कांग्रेस में वापस लौट गए और अनीता कुमारस्वामी एक तरह से बिना किसी प्रतिरोध के चुनाव जीत गईं.

कांग्रेस के स्थानीय नेताओं की चिंता यह भी है. उन्हें लगता है कि चंद्रशेखर की आवाज़ाही से भी पार्टी को नुकसान हुआ है. वहीं जेडीएस और भाजपा को राजनीतिक तौर पर फ़ायदे में रही हैं. जेडीएस जीत कर और भाजपा सुहानुभूति हासिल कर. यही हाल मांड्या विधानसभा सीट को लेकर भी है. कांग्रेस ने यह सीट पर जेडीएस के लिए छोड़ी. वह जीती भी. लेकिन भाजपा उम्मीदवार डॉक्टर सिद्धारमैया भी यहां से 2,44,000 वोट हासिल कर गए. यह भी पहली बार हुआ है, जिसने कांग्रेस की चिंता बढ़ाई है.