प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह मालदीव की यात्रा पर जा सकते हैं. यह इस देश की उनकी पहली यात्रा होगी. वे वहां मालदीव के नए राष्ट्रपति इब्राहिम ‘इबू’ सोलेह के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा ले सकते हैं.

ख़बराें के मुताबिक अब तक मोदी की यात्रा की घोषणा नहीं हुई है. लेकिन बताया जाता है कि उनकी सुरक्षा से जुड़ी एडवांस टीम मालदीव की राजधानी माले पहुंच चुकी है. ताकि यात्रा की तैयारियों को अंज़ाम दिया जा सके. सोलेह की जीत के बाद जब प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें बधाई दी थी तभी उन्हें मालदीव के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति की ओर से उनके देश की यात्रा का आमंत्रण भी मिल गया था. सोलेह ने मोदी को अपने शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया था. बताया जाता है कि इसे प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीकार कर लिया है.

भारत और मालदीव के संबंधों में पिछले कुछ समय से आई शिथिलता के मद्देनज़र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा अहम है. मालदीव की इससे पहले की अब्दुल्ला यमीन की सरकार चीन समर्थक मानी जाती थी. उसके कार्यकाल में देश में आपातकाल लगाया गया. विपक्ष के नेताओं को जेल में डाला गया. भारत का समर्थन करने वाले नेता भी जेल भेजे गए. भारत ने मालदीव काे दो हैलीकॉप्टर उपहार में दिए थे, वह भी वापस भेजने की पेशकश कर दी गई. अलबत्ता मोदी अब इस स्थिति को बदलने की कोशिश में हैं.