प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को दीवाली मनाने के लिए भारत-चीन सीमा के पास बर्फीले पहाड़ों पर मौजूद हर्षिल छावनी पहुंचे. पीटीआई के अनुसार यहां आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवानों से कहा कि दूर-दराज के इलाकों में बर्फीले पहाड़ों पर ड्यूटी करने की उनकी लगन राष्ट्र की ताकत को और मजबूत बनाती है.

हर्षिल उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में भारत-चीन सीमा पर करीब 7,860 फुट की ऊंचाई पर स्थित है. यहां स्थित छावनी में जवानों को दीवाली की शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे अपनी प्रतिबद्धता और अनुशासन के जरिये 125 करोड़ भारतीयों के सपने एवं भविष्य को सुरक्षित करते हैं और लोगों में सुरक्षा और निडरता का भाव पैदा करने में मदद करते हैं. इस दौरान प्रधानमंत्री ने ‘वन रैंक वन पेंशन’ (ओआरओपी) समेत भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए उठाए गए अन्य कदमों के बारे में भी सैनिकों को जानकारी दी.

इस कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री ने केदारनाथ जाकर पूजा अर्चना भी की और केदारपुरी में चल रही पुनर्निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. केदारनाथ के पास स्थित केदारपुरी ने 2013 की प्रलयकारी बाढ़ का दंश झेला था जिसमें हजारों लोग मारे गए थे.

प्रधानमंत्री बनने के बाद से नरेंद्र मोदी हर दीवाली जवानों के साथ मनाते आए हैं. 2014 में वे इस त्योहार के दिन सियाचिन पहुंचे थे तो वहीं 2015 में पंजाब सीमा पर गए थे. इसके अगले वर्ष मोदी हिमाचल प्रदेश गये थे जहां उन्होंने आईटीबीपी पुलिस के जवानों के साथ एक सुरक्षा चौकी पर समय बिताया था. मोदी ने पिछले साल प्रधानमंत्री के रूप में अपनी चौथी दीवाली जम्मू कश्मीर के गुरेज में सैनिकों के साथ मनाई थी.