कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने नोटबंदी के संदर्भ में मौजूदा वित्त मंत्री अरुण जेटली के ताजा बयान की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि अरुण जेटली को याद दिलाया जाना चाहिए कि उन्होंने नोटबंदी के बारे में पहले क्या कहा था और अटॉर्नी जनरल ने इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट में क्या बात कही थी. पीटीआई की खबर के मुताबिक पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, ‘वित्त मंत्री कहते हैं कि नोटबंदी का मकसद मुद्रा की जब्ती नहीं था. क्या कोई उनको याद दिलाएगा कि उन्होंने मीडिया से क्या कहा था.’ चिदंबरम ने कहा कि नोटबंदी के जरिए तीन से चार लाख करोड़ रुपये हासिल करने का सपना था, (लेकिन) बैंक काउंटरों पर मनी लॉन्ड्रिंग के कारण यह खयाली सपना साबित हुआ.

इससे पहले नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर आज वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि इससे औपचारिक अर्थव्यवस्था का विस्तार हुआ और कर आधार भी बढ़ा. जेटली के मुताबिक इससे सरकार के पास गरीबों के हित में काम करने और बुनियादी ढांचे का विकास करने के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध हुए. नोटबंदी की दूसरी वर्षगांठ पर एक फेसबुक पोस्ट में जेटली ने लिखा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के पहले चार साल में आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या बढ़कर 6.86 करोड़ हो गई जबकि मई 2014 यह संख्या 3.8 करोड़ थी.