मिजोरम में होने वाले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा नामांकन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि को बढ़ाए जाने की मांग चुनाव आयोग ने खारिज कर दी है. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष जेवी हलुना ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर नामांकन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाने की मांग की थी. गुरुवार को उनके पत्र का जवाब देते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि राज्य में शांति और सामान्य स्थिति के साथ समझौता नहीं किया गया है इसलिए नामांकन की अंतिम तिथि नौ नवंबर ही रहेगी.

मिजोरम में ब्रू शरणार्थियों का मुद्दा गरमाता जा रहा है. राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी एसबी शशांक की शिकायत पर चुनाव आयोग ने बीते सप्ताह प्रमुख गृह सचिव चुआनगो को हटा दिया था. अब मुख्य चुनाव अधिकारी को हटाने की मांग में तमाम संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं. इससे राजधानी आइजल समेत पूरे राज्य में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. मुख्यमंत्री लाल थनहवला ने भी एसबी शशांक को हटाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है.

मिजोरम में वर्ष 1997 की जातीय हिंसा के बाद पलायन करने वाले हजारों शरणार्थी पड़ोसी त्रिपुरा स्थित शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं. इन लोगों की मांग है कि पहले की तरह इन शिविरों में ही पोस्टल बैलट के जरिए उनके मतदान का इंतजाम किया जाए. लेकिन राज्य के तमाम नागरिक और गैर-सरकारी संगठन इसका विरोध कर रहे हैं. गृह सचिव चुआनगो ने भी त्रिपुरा के शरणार्थी शिविरों में मतदान की व्यवस्था का विरोध किया था. लेकिन मुख्य चुनाव अधिकारी ने चुनाव आयोग को पत्र भेज कर शिकायत की कि चुआनगो चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रहे हैं जिसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया और यह विवाद बढ़ता चला गया. मिजोरम में एक चरण को 28 नवंबर को मतदान होना है.