आज नोटबंदी की दूसरी ‘वर्षगांठ’ है और पिछले साल की तरह ही सोशल मीडिया में आज भी इसको लेकर खूब चर्चा हुई है. बीते दो सालों के दौरान विरोधियों से लेकर पत्रकार और आम लोग तक मोदी सरकार को इस फैसले के चलते घेरते रहे हैं. वहीं ट्विटर पर आज #Demonetisation और #DestructionByDemonetisation ट्रेंडिंग टॉपिक के तहत लोगों ने सरकार को जमकर निशाना बनाया है. यहां वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता का एक दिलचस्प सवाल उठाता हुआ ट्वीट है, ‘... क्या वित्त मंत्रालय या रिजर्व बैंक में कोई इस साधारण सी गुत्थी को सुलझा सकता है कि अब तक हमारे यहां 1000 का नोट जारी क्यों नहीं किया गया. अगर 500 और 2000 रुपये का नोट हो सकता है तो 1000 का क्यों नहीं?’

आज ही आमिर खान और अमिताभ बच्चन की बहुचर्चित फिल्म ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ रिलीज हुई है. अभी तक आए ज्यादतर रिव्यू में इसे बहुत ही खराब फिल्म बताया जा रहा है और सोशल मीडिया में कई लोगों ने इस बात का जिक्र करते हुए नोटबंदी पर बड़ी ही दिलचस्प प्रतिक्रियाएं दी हैं. ट्विटर हैंडल @RoflGandhi_पर प्रतिक्रिया है, ‘सुनने में आ रहा है कि ठग्स ऑफ हिंदुस्तान इतनी बुरी फिल्म है कि यह देखते-देखते लोग बीच में ही अपने-अपने फोन पर प्रधानमंत्री का नोटबंदी वाला भाषण सुनने लगे.’ शैलेष जैन ने चुटकी ली है, ‘हम भारतीयों को आठ नवंबर के दिन ठगे जाने की आदत पड़ चुकी है. आज ही दिन 2016 में नोटबंदी हुई थी तो आज ठग्स ऑफ हिंदोस्तान रिलीज हुई है.’

नोटबंदी की इस दूसरी वर्षगांठ पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

अंशुमान तिवारी | @anshuman1tiwari

नोटबंदी से जुड़ा सबसे बड़ा अनसुलझा रहस्य : वे ‘गरीब’ लोग कौन थे जिन्होंने नोटबंदी के दौरान हजारों जनधन अकाउंट खोले और इनके साथ पुराने अकाउंटों में भी करोड़ों रुपये जमा कराए? बताया जाता है कि इस जमा रकम का एक बड़ा हिस्सा बाद में निकाल लिया गया.

शार्कतिमान |‏ @sharktimaan

‘एवेंजर्स : इनफिनिटी वॉर’ का नोटबंदी संस्करण

साध्वी खोसला | @sadhavi

नोटबंदी की सबसे मजेदार बात है कि भाजपा में कोई भी इसकी जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता, लेकिन वे इसके लिए कांग्रेस को भी जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते.

कन्हैया कुमार | facebook

अगर नोटबंदी इतना ही महान काम था तो वोट मोदी जी के काम की जगह राम जी के नाम पर क्यों मांगा जा रहा है?

कादरी बक्श | facebook

सर्जिकल स्ट्राइक की सालगिरह तो धूमधाम से मनाई गई थी, फिर नोटबंदी की क्यों नहीं? इसका मतलब है कि ये लोग (भाजपा वाले) खुद भी नोटबंदी को एक गलत कदम मानते हैं.

प्रिंस वर्मा | facebook

भारतीय मूर्ख दिवस एक अप्रैल से हटाकर आठ नवंबर को कर देना चाहिए....इसी दिन नोटबंदी करके पूरे देश को सामूहिक रूप से मूर्ख बनाया गया था...