नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर इसकी उपलब्धियों और नाकामयाबियों के बारे में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बयानों को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जिन्होंने अर्थव्यवस्था की विकास दर में दो फीसदी कमी की आशंका जताई थी, उनकी अनिष्टकारी भविष्याणी को दो साल के आंकड़ों ने गलत साबित कर दिया है. वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कहना था, ‘कई बार कहा जाता है कि समय के साथ घाव भर जाते हैं. लेकिन दुर्भाग्य से नोटबंदी के घाव और निशान वक्त बीतने के साथ अधिक अधिक दिखाई देंगे.’ उधर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने नोटबंदी को सोची-समझी साजिश बताया है.

जिम्नास्टिक फेडरेशन ऑफ इंडिया और साई के बीच टकराव, खिलाड़ियों को नुकसान

खेल मंत्रालय की ओर से प्रतिबंधित जिम्नास्टिक फेडरेशन ऑफ इंडिया और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के बीच टकराव का नुकसान खिलाड़ियों को उठाना पड़ रहा है. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक इसकी वजह से 22 नवंबर को जर्मनी में आयोजित ओलंपिक क्वालिफाइंग प्रतिस्पर्धा में भारतीयों की भागीदारी तय नहीं हो पाई है. बताया जाता है कि अब तक इस प्रतियोगिता के लिए साई ने आधिकारिक मंजूरी नहीं दी है. इससे पहले खेल मंत्रालय ने एक आदेश के जरिए कहा था कि प्रतिबंधित खेल संघ के खिलाड़ी देश के नाम और झंडे का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में नहीं कर सकते.

विधानसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी के चुनावी अभियान की गति पहले से धीमी

भाजपा के स्टार प्रचारक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशी दौरे और अन्य कार्यक्रमों की वजह से पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में पहले की तुलना में कम नजर आ सकते हैं. नवभारत टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि वे मध्य प्रदेश में 12 और राजस्थान में 10 रैलियों को संबोधित कर सकते हैं. इससे पहले नरेंद्र मोदी ने गुजरात चुनाव में 34 और कर्नाटक चुनाव में 21 रैलियां की थीं. हालांकि, इस बारे में पार्टी नेताओं का कहना है कि उनकी रैलियां कम होंगी या अधिक, इसका अभी अनुमान नहीं लगा सकते. चुनावी माहौल को देखते हुए ही इस तरह के कार्यक्रम तय किए जाते हैं. बताया जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 14 और 15 नवंबर को सिंगापुर और 31 नवंबर को तीन दिनों के अर्जेंटीना के दौरे पर भी जाना है. इस बीच 19 नवंबर को वाराणसी में एक दिन का दौरा भी है.

‘जीरो’ पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

शाहरूख खान की फिल्म ‘जीरो’ पर सिख समुदाय ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है. द हिंदू के मुताबिक इसके खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. याचिकाकर्ता ने इस फिल्म के एक पोस्टर के आधार पर शाहरूख और इसके निर्माताओं पर कार्रवाई करने की मांग की है. इस पोस्टर में शाहरुख ने 500 रुपए के नोटों की माला पहन रखी है. साथ ही, गत्रा- कृपाण भी ले रखा है. आनंद एल राय निर्देशित यह फिल्म 21 दिसंबर को रिलीज होने वाली है.