इस साल अक्टूबर में देश में बेरोजगारी की दर 6.9 फीसदी पर पहुंच गई है जो पिछले दो सालों में सबसे ज्यादा है. यह दावा दिल्ली स्थित संस्था सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनॉमी (सीएमआईई) ने अपनी रिपोर्ट में किया है. इस रिपोर्ट के मुताबिक श्रमिक भागीदारी भी घटकर 42.4 फीसदी पर पहुंच गई है जो जनवरी 2016 के बाद से इसका सबसे कम आंकड़ा है. नोटबंदी के बाद से ही श्रमिकों की भागीदारी कम हो गई थी. नोटबंदी से पहले श्रमिकों की भागीदारी करीब 47 से 48 फीसदी थी.

सीएमआईई ने नौकरी पाने वालों के आंकड़ों में भी गिरावट का अनुमान लगाया है. रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2018 में कुल 39.7 करोड़ लोगों के पास रोजगार था जो पिछले साल यानी अक्टूबर 2017 से 2.4 फीसदी कम है. अक्टूबर 2017 में यह आंकड़ा 40.7 करोड़ था. सीएमआईई का कहना है कि नौकरियों में आई यह कमी श्रम बाजार यानी लेबर मार्केट में मांग में आई गिरावट की वजह से दर्ज की गई है.