दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था दक्षिण कोरिया भी असहज दौर से गुजर रही है. संभवत: इसीलिए दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन ने शुक्रवार को अपने वित्त मंत्री किम डोंग-इयॉन को पद से हटा दिया है. उनके अलावा नीति निर्धारण विभाग के मुखिया जैंग हा-सुंग को भी हटाया गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार देश की आर्थिक वृद्धि दर लगातार कम हो रही है. बेरोजगारी बढ़ रही है. साथ ही सरकार के निश्चित राजस्व और खर्च का अंतर भी लगातार बढ़ता जा रहा है. चूंकि वित्त मंत्री और नीति निर्धारण विभाग के प्रमुख इन स्थितियों को सुधार करने में सक्षम नहीं हो पा रहे थे. बल्कि उनके बीच ही मतभेद पैदा हो गए थे. इसलिए उन पर यह कार्रवाई की गई है. राष्ट्रपति के प्रवक्ता यून यंग-चान की ओर से टेलीविजन पर जारी अपने बयान में यह बातें कही गई हैं.

ख़बर के मुताबिक मून जे-इन की सरकार अपनी ओर से अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिशें कर रही है. इसके लिए न्यूनतम मज़दूरी बढ़ाई गई है. काम के घंटों में कमी की गई है. अस्थायी या अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारियों को स्थायी किया गया है. ताकि लोगों की आमदनी बढ़े और अर्थव्यवस्था को दृढ़ता मिले. लेकिन यह क़दम भी अब तक ज़्यादा असर नहीं दिखा पाए हैं. इससे राष्ट्रपति को अपने वित्त मंत्री और नीति निर्धारण प्रमुख पद से हटाने का कदम उठाना पड़ा है.

राष्ट्रपति भवन की ओर से बताया गया कि अब हाेंग नाम-की देश के नए वित्त मंत्री होंगे. वे पूर्व नौकरशाह हैं. जबकि किम सू-युन अब नए नीति निर्धारण प्रमुख होंगे. वे इस वक़्त सामाजिक मामलों के राष्ट्रपति के मुख्य सलाहाकार हैं. ग़ौरतलब है कि दक्षिण कोरिया के केंद्रीय बैंक ने बीते महीने ही देश के आर्थिक विकास दर का अनुमान घटाकर 2.7 प्रतिशत कर दिया था. जबकि 2001 में वहां की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर सालाना 3.1 प्रतिशत बताई गई थी.