रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को तीन अहम तोपें भारतीय सेना को समर्पित कीं. इनमें अमेरिका से हासिल की गई बेहद हल्की एम-777 होवित्ज़र, के-9 वज्र और ‘कम्पोजिट गन टोइंग व्हीकल’ शामिल है.

पीटीआई के अनुसार एम-777 होवित्ज़र हासिल करने के लिए अमेरिका से नवंबर 2016 में 5,070 करोड़ रुपए में सौदा हुआ था. इस तरह की 145 तोपें ली जा रही हैं. ईराक़ और अफ़ग़ानिस्तान की लड़ाईयों में यह तोप अमेरिकी सेना के काफी काम आ चुकी है. यह सेल्फ-प्रोपेल्ड (स्वचालित) तोप है. इसे ज़्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में हैलीकॉप्टर से भी ले जाया जा सकता है.

इसी तरह के-9 वज्र दक्षिण कोरिया से हासिल की गई है. यह भी सेल्फ-प्रोपेल्ड तोप है. इस तरह की 100 तोपें सेना में शामिल की जानी हैं. इनमें 10 दक्षिण कोरिया से लाकर भारत में असेंबल (सभी कल-पुर्जे जोड़ना) की गई हैं. जबकि बाकी 90 यहीं बनाई जाएंगी. वहीं ‘कम्पोजिट गन टोइंग व्हीकल’ तोप की तरह और अन्य तोपों को खींचने आदि में भी काम में आ सकता है.