भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और केंद्र सरकार में चल रही तनातनी की खबरों के बीच आज आर्थिक मामले के सचिव एससी गर्ग ने टिप्पणी की है. इसमें उन्होंने कहा है कि सरकार आरबीआई से 3.6 लाख करोड़ रुपये की मांग नहीं कर रही है. पीटीआई के मुताबिक गर्ग ने कहा कि सरकार देश के केंद्रीय बैंक की उपयुक्त आर्थिक पूंजी व्यवस्था तय करने के तौर-तरीकों पर विचार-विमर्श कर रही है.

एससी गर्ग ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 3.3 प्रतिशत के लक्ष्य के अंदर ही रहेगा. उन्होंने बताया कि सरकार इस साल के बजट में बाजार से कर्ज लेने के लक्ष्य में स्वयं ही 70,000 करोड़ रुपये की कटौती कर चुकी है. गर्ग ने कहा, ‘मीडिया में गलत जानकारी के साथ कई अटकलें लगाई जा रही हैं. राजस्व को लेकर सरकार का आकलन पूरी तरह से सही है. आरबीआई से 3.6 लाख करोड़ या एक लाख करोड़ रुपये मांगने संबंधी कोई प्रस्ताव नहीं है.’

इससे पहले खबरें आई थीं कि मोदी सरकार आरबीआई से 3.6 लाख करोड़ रुपये की मांग कर रही है. इस पर राहुल गांधी ने सरकार पर हमला करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की वजह से देश की अर्थव्यवस्था को जो नुकसान हुआ है, उससे निपटने के लिए आरबीआई से यह रकम मांगी जा रही है.