केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक आलोक वर्मा अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के सिलसिले में शुक्रवार को केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) के सामने पेश हुए हैं. पिछले महीने सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. सीवीसी के इस जांच पैनल में मुख्य सतर्कता आयुक्त केवी चौधरी, सतर्कता आयुक्त टीएम भसीन और शरद कुमार शामिल हैं. यह जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस एके पटनायक की निगरानी में चल रही है. आज इस पैनल के सामने पेश हुए सीबीआई निदेशक ने अपने ऊपर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों का खंडन किया है.

आलोक वर्मा गुरुवार को भी सीवीसी के मुख्यालय में पहुंचे थे लेकिन एक जांच अधिकारी के अनुपस्थित रहने के कारण उन्हें आज दोबारा पेश होने का निर्देश दिया गया था. गुरुवार को ही सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना भी सीवीसी से मिलने पहुंचे थे. द इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि वे आलोक वर्मा के खिलाफ लगाए आरोपों के सबूत पेश करने के लिए सीवीसी के दफ्तर पहुंचे थे.

सुप्रीम कोर्ट ने सीवीसी को 26 अक्टूबर को निर्देश दिया था कि वह इस मामले की जांच दो हफ्ते में पूरी करे. दो हफ्तों की यह मियाद अगले इतवार को खत्म हो रही है और सोमवार को सुप्रीम कोर्ट फिर से इस मामले की सुनवाई करेगा.