अगले साल के गणतंत्र दिवस पर अब किसी प्रमुख अफ्रीकी नेता को मुख्य अतिथि बनाया जा सकता है. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से इस बाबत प्रयास शुरू किए जा चुके हैं. सूत्र बताते हैं कि अफ्रीकी नेताओं में संभवत: दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा गणतंत्र दिवस के मुख्य आतिथ्य के लिए बुलाए जा सकते हैं.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ख़ुद इस बारे में ट्विटर पर घोषणा करेंगे कि इस बार गणतंत्र दिवस पर कौन मुख्य अतिथि होगा. हालांकि सूत्र यह भी बताते हैं कि सिरिल रामफोसा सहित चार नाम हैं जिन पर विचार किया जा रहा है. उनके मुताबिक गणतंत्र दिवस पर आमंत्रित मुख्य अतिथियों में अब तक दक्षिण अफ्रीका और अफ्रीका के नेता नहीं बुलाए गए हैं. बाकी कई देशों के राष्ट्र या शासनाध्यक्ष समारोह के मुख्य अतिथि बन चुके हैं. इसीलिए इस बार अफ्रीका को प्राथमिकता दी जा सकती है.

अफ्रीकी नेता को बुलाना भारत के लिए अन्य मक़सद से भी फ़ायदेमंद हो सकता है. मसलन- इससे प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर अफ्रीकी महाद्वीप के देशों में भारत का प्रभाव बढ़ेगा. इस क्षेत्र के 55 देश भारत को संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थायी सदस्यता देने का समर्थन कर सकते हैं. भारत इस क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को चुनौती भी दे सकता है. संभवत: इन्हीं कारणों से मोदी सरकार के अस्तित्व में आने के बाद से ही भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपने संबंध घनिष्ठ करने की लगातार कोशिशें भी कर रहा है.

सूत्र यह भी बताते हैं कि इस मौके पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बुलाने के बारे में भी सिर्फ विचार ही हुआ था. उनके दफ़्तर से भी इस बाबत सिर्फ अनौपचारिक संपर्क स्थापित किया गया था. उन्हें औपचारिक निमंत्रण नहीं भेजा गया था. ग़ौरतलब है कि बीच में यह ख़बरें आई थीं कि नरेंद्र मोदी सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को गणतंत्र दिवस समारोह का मुख्य अतिथि बनने के लिए आमंत्रित किया है. लेकिन उन्होंने अपनी पूर्व व्यवस्तताओं का हवाला देते हुए इस न्यौते काे स्वीकार करने से इंकार कर दिया है.