केरल के सबरीमला स्थित भगवान अयप्पा के मंदिर में दर्शन के लिए शुरू हुए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया से अब तक 10 से 50 साल की करीब 560 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक केरल पुलिस ने इस पोर्टल की शुरुआत तीन दिन पहले ही की है. अब तक इस पोर्टल के जरिए करीब 3.5 लाख श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं.

माना जा रहा है कि 10 से 50 साल के आयु वर्ग की महिलाओं द्वारा इतनी बड़ी तादाद में रजिस्ट्रेशन एक तरह की स्वाभाविक प्रतिक्रिया है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले बावज़ूद मंदिर में महिलाओं का प्रवेश रोकने की कोशिशों के ज़वाब में यह प्रतिक्रिया आई है. सबरीमला मंदिर के द्वार अब अगली बार 16 नवंबर को फिर खोले जाने हैं. त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड के अनुसार मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और सुचारु व्यवस्था कायम करने के लिए पुलिस ने ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की है.

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद सबरीमला मंदिर के द्वार 17 अक्टूबर और पांच नवंबर को दो बार खोले जा चुके हैं. इस दौरान मंदिर में प्रवेश की कोशिश करने वाली महिलाओं का भगवान अय्यपा के भक्तों ने काफी विरोध किया. यह विरोध एक हद तक हिंसक भी हो गया था जिसे रोकने के लिए पुलिस ने कई जगहों पर बल प्रयोग भी किया था.

सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रहे भक्तों का कहना है कि 10 से 50 साल की आयु वर्ग की महिलाओं को सबरीमला मंदिर में प्रवेश और पूजा नहीं करने दी जाएगी. जबकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक अब किसी भी उम्र की महिला मंदिर में जाकर पूजा कर सकती है.