मिजोरम के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) एसबी शशांक को उनके पद से हटाया जा सकता है. खबरों के मुताबिक मिजोरम के छात्र संगठनों के अलावा वहां की सिविल सोसाइटी भी उन्हें उनके पद से हटाए जाने को लेकर आंदोलन कर रही है. यही नहीं इसी हफ्ते मिजोरम के पत्रकार संघ ने भी एसबी शशांक के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए उनकी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का बहिष्कार कर दिया था.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मिजोरम विधानसभा चुनाव को लेकर एसबी शशांक ने राज्य में अतिरिक्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल तैनात करने की मांग की थी. इसके अलावा प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव लालनुमाविया चुआंगुगो पर चुनावी प्रक्रिया में दखल देने को लेकर उन्होंने चुनाव आयोग से उनकी शिकायत भी की थी. इस शिकायत के आधार पर इसी महीने चुआंगुगो को उनके पद से हटा दिया गया था. पिछले दिनों उन्होंने यह फैसला भी लिया है कि त्रिपुरा में रह रहे मिजोरम के ब्रू शरणार्थियों के मतदान के लिए वहीं व्यवस्था की जाएगी. इन सभी फैसलों के खिलाफ पिछले कुछ दिनों से राज्य के छात्र संगठन और नागरिक संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, जो गुरुवार को वापस ले लिया गया है.

इस घटनाक्रम को देखते हुए चुनाव आयोग ने चुनाव उपायुक्त सुदीप जैन के नेतृत्व में एक दल मिजोरम भेजा था जिसने वहां के राजनीति दलों सहित नागरिक संगठनों के लोगों से इस मसले पर बातचीत की है. इस दौरान नाम न जाहिर करने की शर्त पर चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा है कि एसबी शशांक को लेकर सुदीप जैन की अगुवाई वाले दल की रिपोर्ट के आधार पर कोई फैसला किया जाएगा. इसके साथ ही उनका यह भी कहना है कि मिजोरम के मुख्य सचिव से राज्य के सीईओ के पद के लिए नामों की सूची मांगे जाने का फैसला भी किया गया है.