दिल्ली की एक अदालत ने कथित रूप से जबरन वसूली और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से संबंधित धन शोधन (मनी लॉन्डरिंग) के एक मामले में गिरफ्तार पत्रकार उपेंद्र राय की जमानत याचिका खारिज कर दी है. इस मामले में आज सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राकेश स्याल ने यह कह कर उपेंद्र राय को राहत देने से इनकार कर दिया कि उनके खिलाफ लगे आरोप संगीन हैं.

पीटीआई के मुताबिक अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के विशेष सरकारी वकीलों एनके मट्टा और नीतेश राणा की दलीलों पर गौर करने के बाद जमानत याचिका खारिज करने का फैसला किया. इन वकीलों ने कहा था कि अगर आरोपित को जमानत पर रिहा किया गया तो वह गवाहों और जांच को प्रभावित कर सकते हैं.

बता दें कि उपेंद्र राय को संदिग्ध वित्तीय लेने-देन से संबंधित एक मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. उन्हें तिहाड़ जेल में रखा गया था. बीते जून के महीने में उन्हें जमानत मिल गई थी लेकिन, जेल से बाहर आने से पहले ही ईडी ने आठ जून को उन्हें धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार कर लिया था.