‘जीसैट - 29 से देश के दूरस्थ इलाकों में भी संचार सेवाएं मुहैया कराने में मदद मिलेगी.’  

— के सिवन, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अध्यक्ष

के सिवन का यह बयान भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की तरफ से संचार उपग्रह जीसैट- 29 के सफल प्रक्षेपण को लेकर आया है. उपग्रह के प्रक्षेपण के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने कहा है कि इस उपग्रह से जम्मू-कश्मीर के अलावा पूर्वोत्तर भारत में संचार सेवाओं को और बेहतर करने में मदद मिलेगी. के सिवन ने आगे कहा कि भारतीय जमीन से भेजा गया यह अब तक का सबसे भारी-भरकम उपग्रह भी है.

‘रफाल सौदे पर सवाल उठाने वाले लोग अनपढ़ हैं.’  

— जनरल वीके सिंह, केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री

जनरल वीके सिंह ने यह बात कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कही है. उनका यह भी कहना है कि जो लोग इस रक्षा सौदे पर उंगलियां उठा रहे हैं उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है. वीके सिंह के मुताबिक इस सौदे पर रिलायंस की तरफ से पहले ही अपना स्पष्टीकरण दिया जा चुका है इसके बावजूद कुछ लोग इस मुद्दे को लगातार घसीटे जा रहे हैं.


‘मंदिर भव्य बनाएंगे, लेकिन तारीख राहुल गांधी बताएंगे.’  

— केशव प्रसाद मौर्य, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री

केशव प्रसाद मौर्य ने यह बात वाराणसी में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि भगवान राम का जहां जन्म हुआ था वहां मंदिर जरूर बनेगा और बाबर के नाम पर उस जगह कोई निर्माण नहीं होने दिया जाएगा. केशव प्रसाद मौर्य ने यह भी कहा कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद का मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने विचाराधीन होने से इस बारे में वे इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकते.


‘केंद्र सरकार ऐतिहासिक जगहों के नाम बदल रही है पर पश्चिम बंगाल का नाम बदलने पर कोई विचार नहीं कर रही.’  

— ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री

ममता बनर्जी ने यह बात केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुए कही है. पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर ‘बंगला’ किए जाने की मांग करते हुए फेसबुक पर डाली एक पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि उड़ीसा को ओडिशा, पांडिचेरी को पुदुचेरी, बॉम्बे को मुंबई, मद्रास को चेन्नई कर दिया गया है. लेकिन पश्चिम बंगाल को लेकर अलग रवैया अपनाया जा रहा है. ममता बनर्जी के मुताबिक पश्चिम बंगाल का नाम बदलने को लेकर राज्य विधानसभा में पहले ही प्रस्ताव पेश किया जा चुका है और अब इस पर सिर्फ केंद्र की ही सहमति शेष रह गई है.