बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘गज’ (हाथी का संस्कृत नाम) तमिलनाडु और पुड्‌डुचेरी के तटीय इलाकों में आज दस्‍तक दे सकता है. इसके कारण तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने से भू-स्खलन होने की आशंका भी जताई जा रही है. ‘गज’ एक महीने के भीतर भारत के तटीय इलाकों से टकराने वाला दूसरा तूफान है. इससे पहले 11 अक्टूबर को चक्रवाती तूफान तितली ने ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तबाही मचाई थी. इसमें करीब 70 लोगों की मौत हो गई थी.

मौसम विभाग ने बताया कि ‘गज’ तूफान गुरुवार शाम तक पंबन और कुड्डलूर पर दस्तक देगा. इस दौरान हवाओं की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है. इसके कारण तंजौर, तिरुवरुर, पुडुकोट्टई, नागपट्टिनम, कुड्डलूर और रामनाथपुरम जिलों में सभी स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है. पुडुचेरी और कराईकल में भी सभी स्कूल बंद हैं. भारतीय नौसेना को अलर्ट किया गया है. नौसेना के मुताबिक दो जहाज- ‘रणवीर’ और ‘खंजर’, अतिरिक्त गोताखोर, डॉक्टर, रबर की नावें, हेलीकॉप्टर और राहत सामग्री आदि पूरी तरह तैयार है.

तूफान के मद्देनजर तमिलनाडु में करीब 30,500 राहत-बचाव कर्मियों को तटीय इलाकों में तैनात किया गया है. राज्य में करीब 6,000 राहत केंद्र बनाए गए हैं. एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की 10 टीमें मौके पर मौजूद हैं. एनडीआरएफ को पुड्‌डुचेरी, केरल और अंडमान निकोबार में भी अलर्ट किया गया है. केद्रीय जल आयोग ने बांधों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं. आयोग ने मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करने को कहा है. उसका मानना है कि तटीय इलाकों में भारी बारिश से बांध 24 घंटे से भी कम समय में भर सकते हैं. वहीं, राज्य सरकार ने तेल बेचने वाली कंपनियों से ईंधन का पर्याप्त भंडार रखने को भी कहा है.