सऊदी अरब ने पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या मामले में अपने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को क्लीन चिट दे दी है. गुरूवार को देश के कानून विभाग के प्रमुख की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या मामले में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की कोई भूमिका नहीं है और हत्या का आदेश दो वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया था.

पीटीआई के मुताबिक बयान में आगे कहा गया है कि सऊदी अरब के खुफिया विभाग के उप प्रमुख जनरल अहमद अल-असिरी ने जमाल खशोगी को स्वदेश भेजने का आदेश दिया था और इसके बाद खशोगी से वार्ता करने इस्तांबुल गए ‘वार्ता दल के प्रमुख’ ने उनकी हत्या का आदेश दिया था. विभाग का कहना है कि प्रिंस बिन सलमान को हत्या से पहले इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी.

कानून विभाग के प्रमुख के मुताबिक खशोगी को नशीला पदार्थ दिए जाने के बाद उनकी मौत हो गयी थी जिसके बाद उनके शव के टुकड़े कर दिए गए थे. शव के टुकड़ों को वाणिज्य दूतावास के अहाते में एक एजेंट को सौंप दिया गया था.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हत्या के सिलसिले में कुल 21 लोगों को हिरासत में लिया गया था. जांच के दौरान इनमें से 11 को पत्रकार की हत्या का दोषी पाया गया है.

सऊदी अरब के क़ानून विभाग के प्रमुख ने सरकार से अनुरोध किया है कि खशोगी की हत्या में प्रत्यक्ष रूप से कुल पांच अधिकारी शामिल थे जिन्हें मौत की सजा दी जानी चाहिए. इसके अलावा इस हत्या में शामिल कुछ अन्य व्यक्तियों के लिये भी उचित सजा की मांग की गयी है.

सऊदी अरब के पत्रकार जमाल खशोगी ‘वाशिंगटन पोस्ट’ में स्तंभकार थे. बीते दो अक्टूबर को सऊदी अरब के तुर्की स्थित दूतावास के अंदर उनकी हत्या कर दी गई थी.