केरल के सबरीमला मामले में गुरुवार को मुख्यमंत्री पी विजयन द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक बेनतीजा रही. विपक्षी पार्टियां इस पर अड़ी रहीं कि मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का क्रियान्वयन 22 जनवरी तक टाला जाए जिस दिन इस पर दायर पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई होनी है. लेकिन सरकार का कहना था कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करवाने के लिए बाध्य है जिसमें कहा गया है कि सबरीमला मंदिर में हर उम्र की महिलाएं जा सकती हैं. इसके बाद विपक्षी कांग्रेस और भाजपा ने बैठक का बहिष्कार कर दिया. इस खबर को आज कई अखबारों ने मुखपृष्ठ पर जगह दी है. इसके अलावा चक्रवाती तूफान गज के तमिलनाडु में प्रवेश करने की खबर को भी अखबारों ने प्रमुखता से जगह दी है. इसके चलते 60 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा गया है.

दलित शब्द इस्तेमाल न करने के सरकार के निर्देश को प्रेस काउंसिल ने अव्यावहारिक बताया

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के इस सुझाव को भारतीय प्रेस काउंसिल ने अव्यावहारिक बताया है कि मीडिया संस्थान दलित के बजाय अनुसूचित जाति शब्द का इस्तेमाल करें. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक संस्था के मुखिया जस्टिस (सेवानिवृत्त) सीके प्रसाद ने कहा कि ऐसा करना व्यावहारिक नहीं है. इसी साल सात अगस्त को मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी कर मीडिया संस्थानों को दलित शब्द के इस्तेमाल से बचने को कहा था. उसका कहना था कि संविधान में इसके लिए अनुसूचित जाति शब्द का उल्लेख है और मीडिया संस्थानों को इसका ही इस्तेमाल करना चाहिए. हालांकि सत्ताधारी एनडीए के कई नेता ही इस बात पर ऐतराज जता चुके हैं. उनका कहना है कि दलित शब्द की अपनी एक पहचान है.

आरबीआई बोर्ड की 19 नवंबर की बैठक में टकराव के संकेत

अगले सोमवार यानी 19 नवंबर को होने वाली भारतीय रिजर्व बैंक के बोर्ड की बैठक में टकराव के संकेत मिल रहे हैं. बोर्ड में शामिल एस गुरुमूर्ति ने गुरुवार को केंद्रीय बैंक की कार्यशैली पर तीखा निशाना साधा. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक उन्होंने कहा कि फंसे हुए कर्ज यानी एनपीए पर बैंक की नीति अचानक बहुत सख्त हो गई है जो सही नहीं है. एस गुरुमूर्ति ने कहा कि एनपीए 2009 से बढ़ रहा था और 2014 में यह चरम पर पहुंच गया. उनके मुताबिक तब रिजर्व बैंक पर्याप्त ध्यान देता तो समस्या नहीं होती. सरकार द्वारा गुरुमूर्ति की बैंक के निदेशक मंडल में नियुक्ति भी विवादों में रही थी. इससे पहले केंद्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य कह चुके हैं कि बैंक की स्वायत्तता में सरकारी दखल के परिणाम विनाशकारी होंगे.

ऑल इंडिया रेडियों में यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर कार्रवाई की उचित व्यवस्था हो : मेनका गांधी

महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा है कि ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) में यौन उत्पीड़न की शिकायतों के निपटारे के लिए उचित और संवेदनशील व्यवस्था होनी चाहिए. दैनिक भास्कर के मुताबिक इस मांग के साथ उन्होंने सूचना और प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर को एक चिट्ठी भी लिखी है. हाल में खबरें आई थीं कि ऐसी कुछ शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई थी. बीते कुछ समय के दौरान मी टू अभियान के तहत कई राजनेताओं से लेकर फिल्म जगत की तमाम हस्तियों पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं. इनके चलते विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर को इस्तीफा तक देना पड़ा.