‘कांग्रेस में अगर वाकई लोकतंत्र है तो यह पार्टी गांधी परिवार से बाहर के किसी नेता को अपना अध्यक्ष बनाए.’  

— नरेंद्र मोदी, भारत के प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात मध्य प्रदेश में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कही. इस मौके पर अपनी प्रमुख विपक्षी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने यह भी कहा, ‘कांग्रेस के नेता दावा करते हैं कि पंडित नेहरू की वजह से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन गया. मैं कहता हूं एक बार पांच साल के लिए गांधी परिवार से बाहर के किसी कांग्रेसी नेता को पार्टी का अध्यक्ष बना दीजिए. मैं मान लूंगा कि नेहरू जी ने ऐसी लोकतांत्रिक परंपरा पैदा की थी जिसकी वजह से कोई समर्पित कांग्रेसी पार्टी का अध्यक्ष बन सका.’

‘भारतीय जनता पार्टी के शासन में फर्जी डिग्री ऊंचे पदों तक पहुंचने की सीढ़ी बन गई है.’  

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

राहुल गांधी ने यह बात अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (एबीवीपी) के नेता अंकिव बासोया द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संगठन (डूसू) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिए जाने के हवाले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कही है. इसके साथ ही एक ट्वीट में राहुल गांधी ने लिखा है, ‘श्री छप्पन और उनके मंत्रियों ने छात्रों को दिखाया है कि भाजपा में मंत्रिमंडल का शीघ्र द्वार फर्जी डिग्री दिखाकर खुलाता है.’ इसी ट्वीट में कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे लिखा है, ‘शैक्षिक संस्थानों पर प्रहार और फर्जी डिग्री वालों को सत्ता पर बिठाना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का पुराना सिद्धांत है इसीलिए दिल्ली विश्वविद्यालय पर आरएसएस का फर्जिकल स्ट्राइक जारी है.’ बीते चार सालों में नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की डिग्री को लेकर भी काफी विवाद हो चुके हैं.


‘छत्तीसगढ़ में अगर हमारे गठबंधन को बहुमत नहीं मिला तो हम विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे .’  

— मायावती, बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष

मायावती ने यह बात उनसे पूछे गए एक सवाल के जवाब में कही है. उनका यह भी कहना है कि छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में उनके गठबंधन को पूर्ण बहुमत जरूर मिलेगा. अगर बहुमत से कुछ सीटें कम रह जाती हैं तो उस स्थिति में वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से समर्थन हासिल करके सरकार नहीं बनाएंगी. छत्तीसगढ़ में मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अजीत जोगी की जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है.


‘सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के साथ अन्याय हुआ है, मुझे पूरी उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से उन्हें न्याय मिलेगा.’  

— सुब्रमण्यम स्वामी, भारतीय जनता पार्टी के नेता

सुब्रमण्यम स्वामी का यह बयान केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक आलोक वर्मा के समर्थन में आया है. आलोक वर्मा को एक ईमानदार अधिकारी बताते हुए सुब्रमण्यम स्वामी ने यह भी कहा है कि उन्हें छुट्टी पर भेजे जाने से भ्रष्टाचार के विरोध में चलाए जा रहे उनके अभियान को झटका लगा है. इससे पहले बीते महीने सीबीआई के ही विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के साथ हुए विवाद के मद्देनजर वर्मा को छुट्टी पर भेज दिया गया था.


‘हालात के मद्देनजर अपने फैसलों पर यू टर्न न लेने वाला असली नेता नहीं होता.’  

— इमरान खान, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री

इमरान खान का यह बयान पूर्व में लिए अपने ही कुछ फैसलों को बदले जाने का बचाव करते हुए आया है. इस बात को उदाहरण के जरिये समझाते हुए उन्होंने कहा है कि क्रिकेट के मैदान पर उनकी टीम एक खास रणनीति के साथ उतरती थी पर कई बार विपक्षी टीम की रणनीति के मुताबिक उसमें बदलाव भी करने पड़ते थे. इमरान खान का यह भी कहना है, ‘हिटलर और नेपोलियन को इसलिए शिकस्त का सामना करना पड़ा क्योंकि अपने पूर्व के फैसलों में उन्होंने जरूरत के मुताबिक यू-टर्न नहीं लिया था.’