‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी याददाश्त सही करने की जरूरत है.’  

— पी चिदंबरम, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

पी चिदंबरम का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान पर पलटवार करते हुए आया है. उनका कहना है कि 1947 के बाद आचार्य कृपलानी, पट्टाभी सीतारमैया, पुरुषोत्तमदास टंडन, यूएन धेबर, संजीव रेड्डी, कामराज, निजलिंगप्पा, सी सुब्रमण्यम, जगजीवन राम, शंकर दयाल शर्मा, डीके बरुआ, ब्रह्मानंद रेड्डी, नरसिम्हा राव और सीताराम केसरी जैसे कई नेता कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं. पी चिदंबरम के मुताबिक नरेंद्र मोदी को कांग्रेस के आंतरिक लोकतंत्र के बजाय नोटबंदी व रफाल के अलावा आरबीआई जैसे मुद्दों पर सोचना चाहिए. इससे पहले नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए उसे गांधी परिवार से इतर किसी अन्य नेता को पार्टी का अध्यक्ष बनाने की चुनौती दी थी.

‘नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के बेटे का कालाधन कब वापस लाएंगे?’  

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

राहुल गांधी ने यह बात छत्तीसगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कही. उनके मुताबिक, ‘2014 के आम चुनाव के प्रचार के दौरान नरेंद्र मोदी ने विदेशों में छुपा काला धन वापस लाने का वादा किया था. प्रधानमंत्री बताएं कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और उनके बेटे का विदेशी बैंकों छुपा काला धन कब वापस लाएंगे?’ राहुल गांधी ने आगे कहा कि पनामा पेपर में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का नाम आने के बाद उन्हें अपने पद से हटना पड़ा था लेकिन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह का नाम इस मामले में आने के बाद उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई.


‘आंध्र प्रदेश व पश्चिम बंगाल में सीबीआई को न घुसने देने की बात कहकर वहां के मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं.’  

— अरुण जेटली, केंद्रीय वित्त मंत्री

अरुण जेटली ने यह बात आंध प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कही है. उनका कहना है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) तभी कोई जांच अपने हाथों में लेती है जब राज्य की सरकारें इस बारे में उनसे आग्रह करती हैं. अरुण जेटली का यह भी कहना है कि इन राज्यों में भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए वहां के मुख्यमंत्रियों ने सीबीआई के प्रवेश पर रोक लगाई गई है.


‘क्या कांग्रेस लोगों के मंदिर जाने पर भी रोक लगाएगी?’  

— शिवराज सिंह चौहान, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री

शिवराज सिंह चौहान का यह बयान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शाखाओं को लेकर दिए गए कांग्रेस के एक बयान पर पलटवार करते हुए आया है. उनके मुताबिक विकास के मुद्दों को छोड़कर कांग्रेस ‘फूट डालो और सत्ता हासिल करो’ की अपनी पुरानी नीति पर आ गई है. शिवराज सिंह चौहान का यह भी कहना है कि कांग्रेस एक विशेष वर्ग का वोट हासिल करने के लिए बंद कमरों में गोपनीय बैठकें कर रही है. उधर, कांग्रेस ने इससे पहले राज्य की सत्ता में आने के बाद सरकारी कर्मचारियों के संघ की शाखाओं में जाने पर रोक लगाने की बात कही थी.


‘मैं सपने में भी भारतीय जनता पार्टी के साथ किसी तरह के गठबंधन की बात नहीं सोच सकता.’  

— अजीत जोगी, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री

अजीत जोगी का यह बयान उन अटकलों पर विराम लगाते हुए आया है कि छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव के बाद वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का समर्थन लेकर सरकार का गठन कर सकते हैं. अजीत जोगी के मुताबिक वे सूली पर चढ़ना पसंद करेंगे लेकिन भाजपा को न तो समर्थन देंगे और न ही उससे कोई समर्थन लेंगे. छत्तीसगढ़ के इस विधानसभा चुनाव में अजीत जोगी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं.


‘समाजवादी पार्टी तो गुंडों की पार्टी है.’  

— अमर सिंह, राज्यसभा सांसद

अमर सिंह ने यह बात सहारनपुर में एक समारोह के दौरान समाजवादी पार्टी का नाम लिए बगैर उस पर निशाना साधते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि वे पहले जिस पार्टी में थे वह गुंडों की पार्टी थी. अमर सिंह के मुताबिक उत्तर प्रदेश में अब कानून का शासन है और भाजपा का बखान करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि आगामी आम चुनाव के बाद केंद्र में दोबारा इसी पार्टी की सरकार बनेगी.