यह सप्ताह उन लोगों के लिए कई सौगात देकर गया है जो दमदार और विंटेज बाइकें चलाने के शौकीन हैं. किसी जमाने में युवाओं के लिए टशन और स्टाइल का पर्याय रही बाइक ‘यज़दी’ बनाने वाली कंपनी ‘जावा’ एक बार फिर देश के बाज़ार में लौट आई है. इस बार कंपनी ने तीन बाइकों की रेंज के साथ भारत में दस्तक दी है. इनमें से एक बाइक को कंपनी ने अपनी पहली मोटरसाइकल की याद में ‘जावा’ नाम दिया है. बाकी दो मोटरसाइकलों के लिए कंपनी ने ‘जावा-42’ और ‘जावा पर्क’ नाम तय किए हैं. इनमें से पर्क, कस्टम बॉबर के तौर पर पेश की गई है. जावा ने करीब 22 साल पहले अपनी बाइकों का उत्पादन रोक दिया था. फिर, करीब दो साल पहले ‘महिंद्रा एंड महिंद्रा’ के मालिकाना हक़ वाली कंपनी ‘क्लासिक लेजेंड’ ने जावा के साथ साठ फीसदी की साझेदारी कर कंपनी की बाइकों को फिर से लॉन्च करने का फैसला लिया.

रिपोर्ट्स के मुताबिक जावा की नई मोटरसाइकल को क्लासिक हेरिटेज लुक देने के लिए इस पर महिंद्रा की कोई बैजिंग नहीं किए जाने के साथ इन्हें अलग डीलरशिप के माध्यम से बेचे जाने की तैयारी की जा चुकी है. जानकारों का कहना है कि 300 सीसी क्षमता के इंजन के साथ ये तीनों रेट्रो-स्टाइल क्रूज़र बाइकें रॉयल एनफील्ड की बाइकों को कड़ी टक्कर दे सकती हैं जो अभी तक सेगमेंट में तकरीबन अकेली ही दौड़ रही हैं. यह बात महिंद्रा के निदेशक आनंद महिंद्रा के उस किस्से से समझी जा सकती है जो उन्होंने जावा के री-लॉन्च प्रोग्राम में साझा किया था. महिंद्रा का कहना था कि उन्होंने जावा से साझेदारी से पहले अभिनेता जॉन अब्राहम से रॉयल एनफील्ड की तुलना में जावा के बारे में उनकी राय मांगी थी. बाइकों के दीवाने के तौर पर पहचाने जाने वाले अब्राहम का जवाब था, ‘यदि रॉयल एनफील्ड आपकी स्किन है, तो जावा आपका ब्लड.’

विंटेज लुक्स वाली इन बाइकों पर पहली नज़र जाते ही आपको 80-90 के दशक का दौर याद आने लगेगा. नई जावा-300 की बात करें तो कंपनी की सिग्नेचर स्टाइल वाला हैडलैंप दिया गया है, टैंक पर डुअल टोन क्रोम फिनिश और जावा-250 की याद दिलाते पिनस्ट्रिप वाले मडगार्ड देखने को मिले हैं यदि इस बाइक में किए गए कुछ नए बदलावों की बात करें तो इनमें इग्निशन स्विच, नई डिज़ायन की टेल लाइट, सामने से दिखने वाला बड़ा रेडियेटर और पीछे की तरफ से थोड़ी उठी हुई सिंगल फ्लैट सीट शामिल है.

इन बाइकों में इस्तेमाल किए जाने वाले इंजन से जावा ने कुछ समय पहले ही पर्दा हटा दिया था. बीएस-6 रेडी प्लेटफॉर्म पर बना 293 सीसी क्षमता का यह मिड-रेन्ज इंजन सिंगल-सिलेंडर होने के साथ लिक्विड-कूल्ड व डीओएचसी तकनीक से लैस है. कंपनी का दावा है कि यह इंजन 27 बीएचपी की अधिकतम पॉवर के साथ 28 एनएम का पीक टॉर्क पैदा करने में सक्षम है. कंपनी का कहना है कि उसके इस इंजन को विश्वस्तर के विशेषज्ञों द्वारा इटली के टेक्निकल सेंटर में विकसित किया गया है. यदि कीमत की बात की जाए तो शुरुआती एक्सशोरूम कीमत 1.55 लाख रुपए है. जावा की पहली मोटरसाइकल की कीमत 1.64 लाख रुपए है और इसके जावा 42 मॉडल की एक्सशोरूम कीमत 1.55 लाख रुपए है.

रॉयल एनफील्ड की सबसे दमदार बाइकें भारत में लॉन्च

लंबे इंतजार के बाद रॉयल एनफील्ड ने इस सप्ताह अपनी सबसे दमदार दो बाइकें ‘इंटरसेप्टर-650’ और ‘कॉन्टिनेंटल जीटी-650’ भारतीय बाज़ार में उतार दी हैं. पिछले सप्ताह ही इन बाइकों के देश में जल्द लॉन्च होने के कयास लगाए गए थे. रॉयल एनफील्ड ने इन दोनों बाइकों को पिछले महीने ही वैश्विक बाजार में उतारा था जिसके बाद से ही भारत में इनको चाहने वालों ने इनके लिए आंखें बिछाई हुई थीं.

फीचर्स के लिहाज़ से देखें तो इन बाइकों के फ्रंट व्हील में टेलिस्कोपिक फोर्क व 320 एमएम का डिस्क ब्रेक और रियर व्हील के साथ गैस चार्ज्ड ट्विन शॉक सस्पेंशन व 240 एमएम का डिस्क ब्रेक लगाया गया है. दोनों बाइकों के साथ स्टैंडर्ड तौर पर दिया गया एंटी ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) चलते समय इन्हें बेहतरीन संतुलन देता है. जैसा कि नाम से स्पष्ट है कंपनी ने इन दोनों बाइकों में 650 (648) सीसी का इंजन दिया है जो एयरकूल्ड, एसओएचसी और फ्यूल इंजेक्टेड पैरेलल-ट्विन जैसी खूबियों से लैस है. यह इंजन 7250 आरपीएम पर 47 बीएचपी की अधिकतम पॉवर के साथ 5250 आरपीएम पर 52 एनएम का पीक टॉर्क पैदा कर सकता है. साथ ही इस इंजन को 6-स्पीड गियरबॉक्स से जोड़ा गया है जो स्लिप-असिस्ट क्लच के साथ आता है. कंपनी का दावा है कि इंटरसेप्टर-650 और कॉन्टिनेंटल जीटी-650 163 किमी/घंटा की रफ़्तार से चलने में सक्षम होने के अलावा कंपनी की अब तक की सबसे तेजरफ्तार बाइक हैं.

यदि कीमतों की बात करें तो कंपनी ने रॉयल एनफील्ड ने इंटरसेप्टर-650 के लिए गोवा में एक्सशोरूम कीमत 2.50 लाख रुपए तय की है, जो कॉन्टिनेंटल जीटी 650 वेरिएंट के लिए एक्सशोरूम कीमत 2.65 लाख रुपए जाती है. वहीं, इंटरसेप्टर-650 के कस्टम वेरिएंट की एक्सशोरूम कीमत 2.70 लाख रुपए है और कॉन्टिनेंटल जीटी-650 के कस्टम मॉडल की एक्सशोरूम कीमत 2.85 लाख रुपए रखी गई है. इन दोनों बाइकों की कीमतों ने ऑटो विशेषज्ञों को चौंकाने का काम किया है, क्योंकि सेगमेंट में इनकी प्रतिद्वंदी मानी जा रहीं हार्ले डेविडसन स्ट्रीट-750 की कीमत 5.31 लाख रुपए और कावासाकी ज़ी-650 की कीमत 5.29 लाख रुपए के साथ इनसे करीब-करीब दो गुनी हैं.

इनके अलावा रॉयल एनफील्ड ने थंडरबर्ड की ‘350-एक्स’ को भी इस सप्ताह एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) के साथ लॉन्च किया है. रॉयल एनफील्ड ने थंडरबर्ड ‘एक्स’ सीरीज़ को भारत में साल की शुरुआत में ही बाज़ार में उतारा था. इस बेहतरीन बाइक को पेश करते वक़्त कंपनी ने दावा किया था कि यह लंबी दूरी की यात्रा करने वाले राइडर्स के लिए खासी आरामदायक रहेगी.

गौरतलब है कि रॉयल एनफील्ड अपनी सभी बाइकों को भारत सरकार के उस आदेश के बाद एबीएस जैसी अन्य सुरक्षा तकनीकों से लैस करने में जुट गई है जिसमें अप्रैल-2019 के बाद 125 सीसी से ज्यादा क्षमता बाइकों के लिए एबीएस ज़रूरी करने के निर्देश दिए गए थे. कंपनी ने इस बाइक की एक्सशोरूम कीमत 1.63 लाख रुपए तय की है जो इसके मौजूदा मॉडल से करीब सात हजार रुपए ज्यादा है. यहां देखना दिलचस्प रहेगा कि जावा की शक़्ल में एक सटीक प्रतिद्वंदी के आ जाने के बाद रॉयल एनफील्ड की बाइकें सेगमेंट की सरताज बने रहने में कब तक सफल रहती हैं?

मर्सिडीज़-बेंज की नईसीएलएसलॉन्च

जर्मनी की लग्ज़री कार निर्माता कंपनी मर्सिडीज़-बेंज ने अपनी सेडान सीएलएस 300-डी का नया अवतार भारत में लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने अपनी इस कूपे यानी फिक्स रूफ बॉडी स्टाइल वाली कार को सिंगल वेरिएंट में लॉन्च किया है. नई सीएलएस इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि आमतौर पर कूपे कारों को डबल डोर यानी दो दरवाजों के लिए जाना जाता है जबकि इसमें 4-डोर दिए गए हैं. शार्प लुकिंग वाली अपनी इस कार के लिए कंपनी ने 84.7 लाख रुपए कीमत तय की है जो कई मायनों में इसकी प्रतिद्वंदी मानी जा रहीं कारों- बीएमडब्ल्यू-6 जीटी सीरीज़ (61.8 लाख रुपए- 72.7 लाख रुपए) और ऑडी ए-5 (55.4 लाख रुपए एक्सशोरूम दिल्ली)- की कीमतों से कहीं ज्यादा है.

सीएलएस 300-डी 2018 में प्रमुख या कहें कि लगभग सारे ही बदलाव इसके डिज़ायन से जुड़े हैं. इनमें एंगुलर एलईडी हैडलैंप्स व टेललैंप्स, क्लासिक अग्रेसिव कूपिश डिज़ायन, स्लेंटिग नोज़ और हाई वेस्ट लाइन शामिल हैं. पिछले मॉडल से अलग इस कार के डिज़ायन को कम जटिल करते हुए कंपनी ने इसके बॉडी सरफेस को पहले जितना डीप नहीं बनाया गया है. जानकारों का कहना है कि कंपनी की तरफ से यह कवायद ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए की गई है.

नई सीएलएस का इंटीरियर उन लोगों के लिए जाना-पहचाना हो सकता है जो कंपनी की जी क्लास को अंदर से देख चुके हैं. और, चूंकि यह कार भारत में बेची जा रही कंपनी की ही ई-क्लास एलडब्ल्यूबी से साइज़ के मामले में छोटी है इसलिए इसमें स्पेस भी कम है. लेकिन, यह भी सही है कि सीएलएस को इसके स्पेस के लिए नहीं बल्कि हाई लेवल लग्ज़री और स्टाइलिश पैकेज वाली कार के तौर पर पहचाना जाता है.

मर्सिडीज़ ने सीएलएस 300-डी के लिए अपनी सी-क्लास के 2.0 लीटर और चार सिलेंडर वाले टर्बो डीज़ल इंजन को इस्तेमाल किया है जो 245 पीएस की जबरदस्त पॉवर के साथ 500 एनएम का अधिकतम टॉर्क पैदा करता है. कंपनी का दावा है कि इस इंजन की मदद से नई सीएलएस 0 से 100 किलोमीटर/घंटा की रफ़्तार पकड़ने में महज 6.4 सेकंड लेने के साथ 250 किमी/घंटा की स्पीड से चलने में सक्षम है. हालांकि इस तरह यह कार कोई परफॉर्मेंस रिकॉर्ड तो नहीं तोड़ पाती है. लेकिन, हमने ऊपर भी कहा कि सीएलएस को सिर्फ हाई लेवल लग्ज़री और स्टाइलिश पैकेज वाली कार के तौर पर ही पहचाना जाता है किसी परफॉर्मेंस मशीन के तौर पर नहीं.