देश के अतिविशिष्ट लोगों (वीवीआईपी) को लाने-ले जाने में इस्तेमाल होने वाले अगस्ता हैलीकॉप्टरों की ख़रीद में रिश्वत के लेन-देन का मामला अब अगले मोड़ पर पहुंच सकता है. ख़बरों के मुताबिक इन हैलीकॉप्टरों के सौदे में ‘बिचौलिए’ की भूमिका निभाने वाला ब्रिटिश कारोबारी क्रिश्चियन मिशेल जल्द ही भारत लाया जा सकता है.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार क्रिश्चियन मिशेल इस वक़्त दुबई में है. बताया जाता है कि मिशेल के प्रत्यर्पण के संबंध में दुबई की सर्वोच्च अदालत ने निचली कोर्ट के फ़ैसले को क़ायम रखा है. निचली अदालत ने 54 वर्षीय मिशेल को भारत प्रत्यर्पित किए जाने की अनुमति दी थी. भारत की ओर से दुबई की अदालत में उसके प्रत्यर्पण संबंधी मामला बीते साल फरवरी में दायर किया गया था. इससे कुछ समय पहले ही मिशेल को वहां ग़िरफ़्तार किया गया था. वैसे मिशेल ने अपनी ओर से दायर अपील में गवाह बनने की पेशकश की थी. साथ ही उसे भारत को न सौंपे जाने आग्रह भी किया गया था. लेकिन उसकी अपील को तवज़्ज़ो नहीं दी गई.

भारत और अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी के बीच 12 हैलीकॉप्टरों की आपूर्ति का सौदा 3,600 करोड़ रुपए में 2010 में हुआ था. इसमें रिश्वत के लेन-देन का पता तब चला जब अगस्ता की मूल कंपनी फिनमैकेनिका के प्रमुख जी आेरसी व एक अन्य अधिकारी को इटली में ग़िरफ़्तार किया गया. दोनों पर आरोप थे कि उन्होंने ‘बिचौलिए’ क्रिश्चियन मिशेल को तीन करोड़ डॉलर (लगभग 245 करोड़ रुपए) की रिश्वत दी. इस पैसे की मदद से मिशेल ने भारतीय शासन व सैन्य तंत्र में शामिल कई लोगों को अपने साथ मिलाया और यह सौदा कंपनी के पक्ष में कराया. इन लोगों में भारतीय वायु सेना के पूर्व प्रमुख एसपी त्यागी और उनके कुछ रिश्तेदारों का नाम भी शामिल बताए जाते हैं.