पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बीते रविवार को अमृतसर में निरंकारी मिशन के एक कार्यक्रम के दौरान हुए हमले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ बताया है. अमरिंदर सिंह बताया है कि इस हमले में जिस ग्रेनेड का इस्तेमाल हुआ है, वो पाकिस्तान में निर्मित है. एनडीटीवी के मुताबिक बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, ‘इस हमले का कोई सांप्रदायिक पहलू नहीं है और यह सीधा-सीधा आतंकवाद से जुड़ा मामला है. उन्होंने आगे कहा, ‘इस हमले के एक आरोपित बिक्रमजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि दूसरे हमलावर की तलाश जारी है.’

कैप्टन अमरिंदर सिंह का यह भी कहना है, ‘आईएसआई ने इस हमले की साजिश रची थी और ऐसे हमलों के जरिये वह पंजाब की शांति भंग करने की कोशिशें कर रहा है.’ उनके मुताबिक पंजाब के पाकिस्तान की सीमा से सटे होने की वजह से यहां के लोगों को पड़ोसी मुल्क आसानी से निशाना बना सकता है और वह ऐसा करने में सफल भी रहा है.

इससे पहले बीते रविवार को भी हर एक रविवार की ही तरह अमृतसर के राजासांसी गांव में निरंकारी मिशन का कार्यक्रम चल रहा था. उसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो शख्स कार्यक्रम परिसर में दाखिल हुए थे और उन्होंने हैंड ग्रेनेड से हमला किया था. उस हमले में हमले में तीन लोगों की मौत हो गई थी जबकि 20 अन्य लोग घायल भी हुए थे.

उधर, शुरुआती जांच के दौरान में पुलिस ने इस हमले में खालिस्तान का समर्थन करने वाले चरमपंथियों का हाथ होने की संभावना जताई थी. इसे लेकर सिख अलगाववादी संगठनों के कई लोगों से पुलिस ने पूछताछ भी की थी.