लोकसभा चुनाव से पहले पेश किए जाने वाले बजट के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. वहीं मिंट की एक रिपोर्ट की मानें तो मोदी सरकार एक फरवरी को पूर्ण बजट पेश कर सकती है. इस सरकार का पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद नई सरकार के गठन के लिए मार्च-अप्रैल, 2019 में चुनाव संभावित हैं. आमतौर पर लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार को बचे हुए कार्यकाल के लिए अंतरिम बजट पेश करना होता है और नई सरकार पूर्ण बजट पेश करती है.

मिंट से बात करते हुए वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि वर्तमान केंद्र सरकार अपनी नीतियों की निरंतरता का संकेत देना चाहती है और वो चुनाव के कारण देश की अर्थव्यवस्था को धक्का नहीं पहुंचाना चाहती इसलिए पूर्ण बजट पेश किया जा रहा है. इससे पहले ऐसी खबरें भी आ चुकी हैं कि सरकार इस बजट में आयकर से जुड़े प्रस्तावों को भी शामिल करने का विचार बना रही है.

वित्त मंत्रालय के इस अधिकारी ने यह भी बताया है कि सभी मंत्रालयों को पत्र भेजकर 30 नवंबर, 2018 तक अपने-अपने विभाग से संबंधित जरूरी जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही मंत्रालयों को बजट भाषण के लिए भी जानकारी भेजने के लिए कहा गया है. रिपोर्ट के मुताबिक वित्त मंत्रालय ने अक्टूबर माह से ही बजट की तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसके चलते तीन दिसंबर से मंत्रालय में पत्रकारों के प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी गई है. बजट एक फरवरी को पेश किया जाएगा.