तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के प्रमुख के चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘हिंदू-मुस्लिम की बीमारी’ से ग्रसित बताया है. एनडीटीवी के मुताबिक केसीआर ने यह बात अपनी पार्टी का चुनाव प्रचार करते हुए एक जनसभा को संबोधित करते हुए कही. इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के मुसलमानों को शिक्षा और नौकरियों में 12 फीसदी आरक्षण दिए जाने के अपने वादे पर वे आज भी कायम हैं, लेकिन इस वादे को लागू करने में सिर्फ इसलिए देर हो रही हैं क्योंंकि केंद्र की तरफ से इस पर अब तक सहमति नहीं मिली.

उन्होंने आगे कहा, ‘इस बारे में मैंने प्रधानमंत्री को 30 चिट्ठियां भेजी थीं, लेकिन उन्होंने इस पर कोई जवाब नहीं दिया. इसके साथ ही प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत प्रहार करते हुए केसीआर ने यह भी कहा, ‘नरेंद्र मोदी के मन में सबके साथ एक जैसा बर्ताव कर पाने वाली संवेदनाओं की कमी है.’

इस दौरान आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने केसीआर का समर्थन करते हुए एक ट्वीट में लिखा है, ‘केसीआर ने बिल्कुल ठीक कहा है कि मोदी हिंदू-मुस्लिम बीमारी से ग्रस्त हैं. उनकी इस बीमारी का सिर्फ एक इलाज है और वह है - संविधान.’

उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने केसीआर के इस बयान की निंदा करते हुए इसे को ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ बताया है. उनके मुताबिक, ‘केसीआर का यह बयान गैर संवैधानिक है और तेलंगाना के लोगों को ऐसी सांप्रदायिक राजनीति स्वीकार नहीं करनी चाहिए.’ जेपी नड्डा ने आगे कहा, ‘आरक्षण के नाम पर मुसलमानों को अपने साथ करने वाली कोशिश से केसीआर देश के संवैधानिक ढांचे को नुकसान पहुंचा रहे है.’

तेलंगाना विधानसभा के लिए अगले महीने की सात तारीख को मतदान होना है. इसके बाद मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम की ही तरह वहां भी 11 दिसंबर को मतगणना के बाद नतीजों की घोषणा की जाएगी.