पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आतंकवाद के मुद्दे को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधा है. एनडीटीवी के मुताबिक उनका कहना है कि मुंबई पर हुए 26/11 के हमलों के दस साल बीत जाने के बावजूद इसकी साजिश रचने वाले अब भी पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहे हैं. इससे साफ है कि उस हमले के मरने वालों को न्याय दिलाने में पड़ोसी देश की कोई दिलचस्पी नहीं है. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आगे कहा, ‘बीते दिनों एक धार्मिक सभा में इकट्ठा हुए लोगों पर ग्रेनेड से हमला किया गया. मैं पूछना चाहता हूं कि क्या सेना यही सिखाती है? यह कायरता है.’

इसके साथ ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सवालिया लहजे में यह भी कहा है, ‘एक सैनिक के नाते मैं पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से जानना चाहता हूं कि कौन सी सेना संघर्ष विराम का उल्लंघन करके दूसरे देश के सैनिकों को मारने का हुक्म देती है. कहां की सेना पठानकोट और अमृतसर जैसे कायराना हमले कराती है?’ उन्होंने आगे कहा, ‘पाकिस्तान को समझना चाहिए कि उसकी तुलना में भारत के पास कहीं ज्यादा बड़ी सेना है और हम हर लिहाज से तैयार भी हैं... इसके बावजूद हम शांति में विश्वास करते हैं और इसी तरीके से विकास की तरफ बढ़ना चाहते हैं.’

उधर, पाकिस्तान की तरफ से संचालित आतंकी गतिविधियों के मद्देनजर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने करतापुर साहिब कॉरिडोर के शिलान्यास के लिए पाकिस्तान से आए निमंत्रण को भी ठुकरा दिया था. खबरों के मुताबिक इस बारे में उनका का कहना है कि एक सिख के साथ मुख्यमंत्री होने के नाते उनकी कुछ अन्य जिम्मेदारियां भी हैं जिन्हें देखते हुए उनका पाकिस्तान जाना उचित नहीं है. उधर, पाकिस्तान के हिस्से वाले इस कॉरिडोर का शिलान्यास इसी महीने की 28 तारीख को वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान करेंगे. इस कार्यक्रम के लिए केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ​व कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित कई अन्य नेताओं को न्योता भेजा गया था.