‘भारतीय जनता पार्टी को राम मंदिर के मुद्दे से दूर रहना चाहिए.’  

— सुब्रमण्यम स्वामी, भारतीय जनता पार्टी के नेता

सुब्रमण्यम स्वामी का यह बयान राम मंदिर के निर्माण को लेकर आया है. उनके मुताबिक इसे किसी राजनीतिक दल का सवाल नहीं बनाया जाना चाहिए पर खेद की बात यह है कि राम मंदिर के मुद्दे को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विश्व हिंदू परिषद् (विहिप) ने उठाया था. सुब्रमण्यम स्वामी ने आगे कहा कि आर्कियोलॉजिकल सर्वे आॅफ इंडिया (एएसआई) राम जन्मभूमि पर पहले ही मंदिर होने की बात प्रमाणित कर चुका है. साथ ही शीर्ष अदालत भी इस दलील को मान चुकी है कि नमाज कहीं भी पढ़ी जा सकती है. ऐसे में पूरे समाज को वहां दोबारा मंंदिर बनाने की बात मान लेनी चाहिए.

‘संविधान के सुझावों पर ध्यान देना हमारे अपने हित में है, ऐसा न करने से अराजकता बढ़ेगी.’  

— रंजन गोगोई, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस

रंजन गोगाई ने यह बात संविधान दिवस के मौके पर दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कही. इस दौरान उन्होंने संविधान को भारत की जनता के जीवन का अभिन्न अंग भी बताया. रंजन गोगाई ने आगे कहा कि संविधान हाशिये पर पड़े लोगों के लिए बहुमत के विवेक की आवाज है और अनिश्चितता व संकट के समय यह हमेशा मार्गदर्शक की भूमिका निभाता रहा है.


‘निश्चित तौर पर आप बजरंग बली की पूजा करें, आपको कोई रोकने के लिए नहीं आ रहा है.’  

— असदुद्दीन ओवैसी, आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन

असदुद्दीन ओवैसी का यह बयान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान पर पलटवार करते हुए आया है. उनके मुताबिक ‘अली’ मुसलमानों के थे और भविष्य में भी रहेंगे. इसके साथ ही अली को ब्रह्मांड का संरक्षक बताते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने सवालिया लहजे में यह भी कहा है कि क्या इस देश में अली का नाम लेने और उनके अनुसरण की अनुमति नहीं है. इससे पहले कांग्रेस के नेता कमलनाथ पर निशाना साधते हुए योगी आदित्यानाथ ने कहा था, ‘आप अली को अपने पास रखें हमारे लिए बजरंग बली ही पर्याप्त हैं.’


‘कश्मीर के मुद्दे पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा.’  

— रणदीप सिंह सुरजेवाला, कांग्रेस के प्रवक्ता

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यह बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका हो या रूस या कोई तीसरा पक्ष ही क्यों​ न हो जम्मू-कश्मीर के मसले पर उसकी मध्यस्थता कभी स्वीकार नहीं की जा सकती. ऐसा करना राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता करना होगा. रणदीप सिंह सुरजेवाला का इशारा नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री कजेल मैगने बोंदेविक की तरफ था जो बीते शुक्रवार को वहां के अलगाववादी नेताओं से बातचीत करने के लिए जम्मू-कश्मीर गए थे.


‘शोषण और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने वाली हर महिला की सराहना होनी चाहिए.’  

— करण जौहर, फिल्म निर्माता

करण जौहर का यह बयान ‘मी टू’ अभियान के तहत आवाज उठाने वाली महिलाओं के समर्थन में आया है. इसके साथ ही उनका यह भी कहना था कि अपने दर्द को साझा करने वाली महिलाओं से आरोपों के सबूत मांगने के बजाय लोगों को उन पर भरोसा करने की जरूरत है. करण जौहर के मुताबिक, ‘मी टू अभियान के तहत सामने आई कहानियां दिल दुखाने वाली हैं.’