रायबरेली जिला कारागर से लगातार एेसे वीडियो सामने आ रहे हैं, जिनसे जेल प्रशासन कठघरे में खड़ा हो रहा है. इनमें से पहले आए एक वीडियो में कैदी किसी को फोन कर बाहर से शराब मंगाने और जेल के अधिकारियों को रिश्वत देने के बारे में बात कर रहे थे.

इस वीडियो के वायरल होने के बाद कारागार के अधीक्षक समेत छह जेल अफसरों को निलंबित कर दिया गया था. पीटीआई के मुताबिक, इसके बाद जेल के दो वीडियो फिर सामने आए हैं. इनमें कैदियों ने जेलकर्मियों और राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के अधिकारियों से अपनी जान का खतरा बताया है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए इन दो नये वीडियो में से एक में अंशु दीक्षित नामक एक कैदी ने आरोप लगाया है कि उसे तथा उसके दो साथी बंदियों सोहराब खां और डीएस सिंह को जेल के अधिकारियों और एसटीएफ के अफसरों से जान का खतरा है.

एक अन्य वीडियो में दीक्षित और उसके एक साथी कैदी ने जेल में खराब गुणवत्ता वाला भोजन दिये जाने और जेल के अंदर ही कुछ खास कैदियों के लिये अलग से कैंटीन चलाये जाने के आरोप लगाये हैं. इनके मुताबिक ‘कैंटीन में मिठाई, आलू परांठा, सिगरेट और अन्य चीजें उपलब्ध हैं. बड़ी संख्या में कैदियों को ये सुविधाएं दी जाती हैं और इसके जरिये रोजाना लाखों रुपये जुटाये जाते हैं. यह रकम जेल प्रबंधन के अधिकारियों और कर्मचारियों में नीचे से ऊपर तक पहुंचती है.’