पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के यातायात अधिकारियों ने पहली बार किसी किन्नर को ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया है. खबरों के मुताबिक इस्लामाबाद की लैला अली पिछले 15 सालों से बिना ड्राइविंग लाइसेंस के कार चला रही थीं.

पाकिस्तानी समाचार पत्र डॉन के मुताबिक पिछले दिनों लैला अली किन्नरों से जुड़ी कई समस्याओं को लेकर इस्लामाबाद के पुलिस प्रमुख मोहम्मद अमीर जुल्फिकार से मिली थीं. इस बातचीत के दौरान ही पुलिस प्रमुख को पता चला कि लैला 15 वर्षों से बिना लाइसेंस के वाहन चला रही हैं. इसके बाद मोहम्मद अमीर ने उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की पेशकश की.

खबरों के मुताबिक मंगलवार को इस्लामाबाद यातायात पुलिस ने सभी व्यावहारिक परीक्षण करने के बाद लैला को ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर दिया. लैला रावलपिंडी स्थित एनजीओ आवाज शेमाले फाउंडेशन की अध्यक्ष और किन्नर समुदाय की नेता हैं.

फोटो : पीटीआई/ट्विटर
फोटो : पीटीआई/ट्विटर

पाकिस्तान में पहली बार बीते मार्च में किन्नरों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए गए थे. तब खैबर-पख्तुनख्वा प्रांत की सरकार ने 15 किन्नरों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए थे.

बीते साल मई में पाकिस्तान की संसद में एक कानून पारित होने के बाद से ट्रांसजेंडरों की स्थिति में काफी बदलाव हुआ है. इस कानून का मकसद ट्रांसजेंडरों को समानता का अधिकार प्रदान करना और उन्हें सरकारी महकमों और निजी दफ्तरों में होने वाले भेदभाव से बचाना है.