पांच राज्यों के विधानसभा चुनावाें की हलचल के बीच एक अहम घटनाक्रम थोड़ा पीछे रह गया. यह था- नक्सलियों के संगठन में बड़ा बदलाव. इसके बाद नक्सल प्रभावित इलाकों की पुलिस और सुरक्षाबलों के अधिकारियों ने आशंका जताई है कि आने वाले समय में नक्सली हिंसा में बढ़ोत्तरी हो सकती है. सूत्राें के हवाले से हिंदुस्तान टाइम्स ने यह ख़बर दी है.

अख़बार से बातचीत में छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके में तैनात भारतीय पुलिस सेवा के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ‘कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के शीर्ष नेतृत्व में बदलाव हुआ है. अब इस संगठन की कमान वासवराजू नामक नक्सली नेता के हाथ में है. वासवराजू इससे पहले तक इसी संगठन की सैन्य इकाई का प्रमुख रहा है. पूर्व संगठन प्रमुख गणपति की तुलना में वासवराजू कहीं ज़्यादा आक्रामक भी माना जाता है.’

सूत्र बताते हैं कि सीपीआई (माआेवादी) में यह परिवर्तन नवंबर के पहले सप्ताह में ही हुआ है. इसके तहत संगठन के प्रमुख (महासचिव) 70 साल के अधिक के हो चुके मुप्पला लक्ष्मण राव उर्फ़ गणपति ने बढ़ती उम्र और गिरते स्वास्थ्य के मद्देनज़र ख़ुद ही पद छोड़ने की पेशकश की थी. गणपति 2004 से इस पद पर बना हुआ था. उसने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर क़रीब 60 वर्षीय नंबला केशव राव उर्फ़ वासवराजू को संगठन का महाासचिव बनाया है.

सूत्रों के मुताबिक सीपीआई (माओवादी) ने 10 नवंबर काे एक दो पेज की विज्ञप्ति भी जारी की थी. इसमें बताया था, ‘संगठन के महासचिव (गणपति) ने अपनी उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते पद छोड़ने की इच्छा जताई थी. केंद्रीय समिति की पांचवीं बैठक में उनकी इस इच्छा को मंज़ूर कर लिया गया है. उनकी जगह वासवराजू को चुना गया है.’ बताया जाता है कि इस विज्ञप्ति पर केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय किे दस्तख़त हैं.