सोशल मीडिया पर नोटबंदी का मुद्दा आज अचानक फिर चर्चा में आ गया है. इसकी वजह है मोदी सरकार में आर्थिक सलाहकार रहे अरविंद सुब्रमण्यम का वह बयान जिसमें उन्होंने कहा है कि नोटबंदी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका थी. इससे जुड़ी खबर को फेसबुक और ट्विटर पर कई लोगों ने शेयर किया है और साथ ही उन पर सवाल भी उठाए हैं. वरिष्ठ पत्रकार सीमा चिश्ती का ट्वीट है, ‘अरविंद सुब्रमण्यम को यही बात तब भी कहनी चाहिए थी जब वे अपने पद पर थे.’ सुब्रमण्यम अक्टूबर, 2014 से लेकर जून, 2018 तक केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार थे.

सोशल मीडिया पर इस खबर के हवाले से भाजपा विरोधियों और अन्य लोगों ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी अगुवाई वाली सरकार को नोटबंदी के मसले पर कटघरे में खड़ा किया है. सोमेन मित्रा का कहना है, ‘जब पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार ने भी नोटबंदी की आलोचना शुरू कर दी है तो अब किसी के पास इसके बचाव में कहने को कुछ नहीं बचा. यह एक घोटाला था...’ हालांकि दूसरी तरफ भाजपा समर्थकों ने इस बयान के चलते पूर्व आर्थिक सलाहकार की जमकर आलोचना की है. ऋषि बाग्री का ट्वीट है, ‘2017 के आर्थिक सर्वे में अरविंद सुब्रमण्यम ने नोटबंदी और जीएसटी की तारीफ की थी. अब यही अरविंद सुब्रमण्यम अपनी किताब (‘ऑफ काउंसिल : द चैलेंज ऑफ द मोदी-जेटली इकॉनॉमी’ हाल ही में प्रकाशित हुई है) बेचने के लिए उल्टी बात कह रहे हैं.’

सोशल मीडिया में अरविंद सुब्रमण्यम के इस बयान पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

उज्ज्वल भट्टाचार्य | facebook

मोदी के तत्कालीन आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम ने कहा है कि नोटबंदी ख़तरनाक़ और भयानक झटका थी. हमें तो यह पहले से ही पता था. लेकिन विशेषज्ञों को मामूली बात समझने में भी दो साल लग जाते हैं.

कुशन मित्रा | @kushanmitra

अरविंद सुब्रमण्यम ने जो किया, ऐसी बातों को कोई पसंद नहीं करता क्योंकि इससे वे डरपोक साबित हुए हैं. जब वे पद पर थे तब भी उनके पास यह बात कहने की ताकत थी. अब वे सिर्फ अपनी किताब बेचने की कोशिश कर रहे हैं.

सुवोजित | @suvojitc

अरविंद सुब्रमण्यम को चिंता करने की जरूरत नहीं है. मोदी जी ने हाल ही में दिखाया है कि कैसे जरूरत के मुताबिक जीडीपी के आंकड़े बदले जा सकते हैं.

परेश पटेल | @PareshP81834272

अरविंद सुब्रमण्यम ने विदेश में बोला नोटबंदी अत्याचार!
भक्त कैसे कहेंगे, देश छोड़ दो यार!