तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) की स्थापना कांग्रेसविरोध के मूल विचार पर ही हुई थी, ऐसा कहा जाता है. लेकिन टीडीपी के मौज़ूदा प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का कहना है, ‘हमारा कांग्रेस के साथ कोई वैचारिक मतभेद नहीं है.’

नायडू ने हैदराबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, ‘राजनीतिक रूप से हम (टीडीपी और कांग्रेस) हम अलग हैं. यह भी सच है कि शुरू से ही टीडीपी लगातार कांग्रेस के ख़िलाफ़ लड़ती रही है. लेकिन वैचारिक रूप से हम अलग नहीं हैं. विचार के स्तर पर हम भारतीय जनता पार्टी से अलग हैं.’ उन्होंने टीडीपी के साथ कांग्रेस के गठबंधन के संदर्भ में भी कहा, ‘आज की लोकतांत्रिक मज़बूरी है कि सभी गै़र-भाजपा समर्थक दल एक मंच पर आएं. संविधान को भाजपा के हाथ से बचाने के लिए यह आवश्यक है.’

ग़ौरतलब है कि लगभग साढ़े तीन दशक तक अलग-अलग रास्ते पर चलने के बाद अब टीडीपी और कांग्रेस तेलंगाना में मिलकर चुनाव लड़ रही हैं. यहां सात दिसंबर को मतदान है. टीडीपी-कांग्रेस के साथ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और तेलंगाना जनसमिति ने मिलकर सत्ताधारी टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति) से मुकाबले के लिए गठबंधन किया है. नायडू इसी साल भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) से अलग हुए हैं. तब से वे विपक्षी दलों को भाजपा के ख़िलाफ़ एकजुट करने में भी जुटे हैं.